हत्याकांड में आजीवन कारावास, 50 हजार का जुर्माना:प्रेमिका के पति की हत्या, नीले ड्रम में लाश गलाने के लिए डाला था केमिकल; रिएक्शन से विस्फोट

हत्याकांड में आजीवन कारावास, 50 हजार का जुर्माना:प्रेमिका के पति की हत्या, नीले ड्रम में लाश गलाने के लिए डाला था केमिकल; रिएक्शन से विस्फोट

मुजफ्फरपुर में पांच साल पुराने ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ 16) ने आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट का है। यहां रहने वाले राकेश सहनी की पत्नी का एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। प्रेमी और प्रेमिका राकेश सहनी को अपने रास्ते का रोड़ा मानते थे। दोनों ने मिलकर राकेश सहनी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, ताकि उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला न रहे। हत्या के बाद लाश को नीले ड्रम में रखा था। लाश गल जाए, इसके लिए कुछ केमिकल भी डाला था, जिसके रिएक्शन से जोरदार धमाका भी हुआ था। लाश क्षत-विक्षत हो गया था। विस्फोट की सूचना पर पहुंची थी पुलिस सितंबर 2021 में सिकंदरपुर पुलिस को फायर ब्रिगेड कर्मियों से बालूघाट इलाके के एक मकान में विस्फोट की सूचना मिली थी। आग बुझाने के दौरान एक ड्रम के साथ एक शव मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर एक नीला ड्रम पाया, जो विस्फोट से लगभग नष्ट हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को बुलाया गया। टीम ने जांच में पाया कि ड्रम के अंदर एक क्षत-विक्षत और लगभग सड़ा हुआ शव पड़ा था। घर में शव मिलने के बाद पुलिस ने घर की मालकिन से पूछताछ शुरू की, क्योंकि घर का मालिक गायब था। पूछताछ के दौरान महिला ने पूरी सच्चाई बताई। आरोपी सुभाष शर्मा ने अकेले घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। शव को गलाने के लिए तेजाब भी डाला था

गिरफ्तार महिला राधा के अनुसार मृतक राकेश उसका पति था, जो काम की वजह से दिल्ली में रहता था। मुजफ्फरपुर में राधा अपने 3 बच्चों, बहन और उसके पति के साथ बालूघाट मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही थी। इसी दौरान राधा का सुभाष शर्मा नाम के एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। सुभाष इसी शहर के अखराघाट बांध रोड का रहने वाला है।
राधा, सुभाष के साथ आगे की जिंदगी जीना चाहती थी, लेकिन पति राकेश सहनी इसमें बड़ी बाधा नजर आ रहा था। जब राकेश सहनी घर आया तो उसे ठिकाने लगाने का प्लान बनाकर हत्या कर दी गई। राकेश सहनी के बारे में किसी को खबर न लगे, इस वजह से शव के टुकड़े करके नीले रंग के ड्रम में रख दिए।

नमक, ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल डाला था

दरअसल हत्यारों ने फूल प्रूफ प्लान बनाया था, यदि वे अपने प्लान में सफल हो जाते तो शायद किसी को कोई जानकारी भी नहीं मिलती। जिले में हुई इस क्रूर और विभत्स हत्याकांड का खुलासा भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। आरोपियों ने अपने हिसाब से शव को जल्दी ठिकाने के लिए नीले ड्रम में नमक, ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल जैसे रसायनों का मिश्रण डाला था। 18 सितंबर 2021 की रात रसायनों के बीच हुए रिएक्शन के कारण ड्रम में जोरदार विस्फोट हुआ और कमरे में आग लग गई।

2021 में केस दर्ज हुआ था इस हत्याकांड को लेकर मृतक राकेश के भाई दिनेश सहनी के बयान पर 19 सितंबर 2021 को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी , इसमें राकेश की पत्नी राधा देवी, उसकी साली कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष शर्मा को नामजद किया था। बाद में पुलिस डायरी में अन्य आरोपियों को फरार बताया गया और अदालत में केवल सुभाष ने अपना आरोप स्वीकार कर लिया। जिस कारण सुभाष पर आरोप सिद्ध हुआ है ।

पत्नी अभी तक फरार है एपीपी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना काल के समय मुजफ्फरपुर का नीला ड्रम कांड काफी चर्चित हुआ था। इस मामले में मृतक की पत्नी के प्रेमी सुभाष को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना के बाद से ही आरोपी हिरासत में है। उच्च न्यायालय ने दो बार उसका बेल पेटिशन खारिज किया था। मुजफ्फरपुर में पांच साल पुराने ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ 16) ने आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट का है। यहां रहने वाले राकेश सहनी की पत्नी का एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। प्रेमी और प्रेमिका राकेश सहनी को अपने रास्ते का रोड़ा मानते थे। दोनों ने मिलकर राकेश सहनी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, ताकि उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला न रहे। हत्या के बाद लाश को नीले ड्रम में रखा था। लाश गल जाए, इसके लिए कुछ केमिकल भी डाला था, जिसके रिएक्शन से जोरदार धमाका भी हुआ था। लाश क्षत-विक्षत हो गया था। विस्फोट की सूचना पर पहुंची थी पुलिस सितंबर 2021 में सिकंदरपुर पुलिस को फायर ब्रिगेड कर्मियों से बालूघाट इलाके के एक मकान में विस्फोट की सूचना मिली थी। आग बुझाने के दौरान एक ड्रम के साथ एक शव मिला। पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर एक नीला ड्रम पाया, जो विस्फोट से लगभग नष्ट हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को बुलाया गया। टीम ने जांच में पाया कि ड्रम के अंदर एक क्षत-विक्षत और लगभग सड़ा हुआ शव पड़ा था। घर में शव मिलने के बाद पुलिस ने घर की मालकिन से पूछताछ शुरू की, क्योंकि घर का मालिक गायब था। पूछताछ के दौरान महिला ने पूरी सच्चाई बताई। आरोपी सुभाष शर्मा ने अकेले घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की थी। शव को गलाने के लिए तेजाब भी डाला था

गिरफ्तार महिला राधा के अनुसार मृतक राकेश उसका पति था, जो काम की वजह से दिल्ली में रहता था। मुजफ्फरपुर में राधा अपने 3 बच्चों, बहन और उसके पति के साथ बालूघाट मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही थी। इसी दौरान राधा का सुभाष शर्मा नाम के एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। सुभाष इसी शहर के अखराघाट बांध रोड का रहने वाला है।
राधा, सुभाष के साथ आगे की जिंदगी जीना चाहती थी, लेकिन पति राकेश सहनी इसमें बड़ी बाधा नजर आ रहा था। जब राकेश सहनी घर आया तो उसे ठिकाने लगाने का प्लान बनाकर हत्या कर दी गई। राकेश सहनी के बारे में किसी को खबर न लगे, इस वजह से शव के टुकड़े करके नीले रंग के ड्रम में रख दिए।

नमक, ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल डाला था

दरअसल हत्यारों ने फूल प्रूफ प्लान बनाया था, यदि वे अपने प्लान में सफल हो जाते तो शायद किसी को कोई जानकारी भी नहीं मिलती। जिले में हुई इस क्रूर और विभत्स हत्याकांड का खुलासा भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। आरोपियों ने अपने हिसाब से शव को जल्दी ठिकाने के लिए नीले ड्रम में नमक, ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल जैसे रसायनों का मिश्रण डाला था। 18 सितंबर 2021 की रात रसायनों के बीच हुए रिएक्शन के कारण ड्रम में जोरदार विस्फोट हुआ और कमरे में आग लग गई।

2021 में केस दर्ज हुआ था इस हत्याकांड को लेकर मृतक राकेश के भाई दिनेश सहनी के बयान पर 19 सितंबर 2021 को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी , इसमें राकेश की पत्नी राधा देवी, उसकी साली कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष शर्मा को नामजद किया था। बाद में पुलिस डायरी में अन्य आरोपियों को फरार बताया गया और अदालत में केवल सुभाष ने अपना आरोप स्वीकार कर लिया। जिस कारण सुभाष पर आरोप सिद्ध हुआ है ।

पत्नी अभी तक फरार है एपीपी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना काल के समय मुजफ्फरपुर का नीला ड्रम कांड काफी चर्चित हुआ था। इस मामले में मृतक की पत्नी के प्रेमी सुभाष को आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना के बाद से ही आरोपी हिरासत में है। उच्च न्यायालय ने दो बार उसका बेल पेटिशन खारिज किया था।  

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