आत्महत्या के लिए उकसाने पर आजीवन कारावास की सजा:श्रावस्ती में दोषी पर ₹11 हजार का जुर्माना, जमीनी विवाद में की थी आत्महत्या

आत्महत्या के लिए उकसाने पर आजीवन कारावास की सजा:श्रावस्ती में दोषी पर ₹11 हजार का जुर्माना, जमीनी विवाद में की थी आत्महत्या

श्रावस्ती में एक जमीनी विवाद के कारण महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर ₹11,000 का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला 23 मार्च 2026 को सुनाया गया। जानकारी के अनुसार, थाना इकौना में मु0अ0सं0 460/2016 (धारा 302/34, 325/34 भा.दं.वि.) के तहत मुंशीलाल पुत्र रामभरोसे, निवासी महरौली, जनपद श्रावस्ती के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि मुंशीलाल आपसी जमीनी विवाद को लेकर मृतका अंजनी के साथ लगातार मारपीट और झगड़ा करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त की निरंतर प्रताड़ना से तंग आकर अंजनी ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की विवेचना के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि घरेलू और जमीनी विवाद में होने वाली हिंसा के गंभीर सामाजिक परिणाम होते हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर दंड आवश्यक है। इस निर्णय से समाज में यह संदेश गया है कि किसी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कानून सख्त सजा का प्रावधान करता है।

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