मधुबनी में पेंशनधारियों के लिए लाइफ सर्टिफिकेशन जरुरी:DM की अपील – जल्द कराएं वरना रुक सकती है पेंशन, 40% का बाकी

मधुबनी में पेंशनधारियों के लिए लाइफ सर्टिफिकेशन जरुरी:DM की अपील – जल्द कराएं वरना रुक सकती है पेंशन, 40% का बाकी

मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा ने जिले के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों से अपील की है कि वे अपना जीवन प्रमाणीकरण (Life Certification) शीघ्र करा लें। ऐसा न करने पर उनकी पेंशन अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है। जिले में कुल 6,08,081 पेंशनधारियों में से लगभग 40 प्रतिशत ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। सामाजिक सुरक्षा कोषांग, मधुबनी द्वारा संचालित छह प्रकार की पेंशन योजनाओं के तहत वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। पेंशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी पेंशनधारियों को वर्ष में कम से कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर निशुल्क कराया जा सकता यह प्रमाणीकरण किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर निशुल्क कराया जा सकता है। कोषांग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जीवन प्रमाणीकरण न कराने वाले पेंशनधारियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। डीपीआरओ परिमल कुमार ने बताया कि जीवन प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिन पेंशनधारियों के फिंगरप्रिंट काम नहीं करते, वे आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के माध्यम से भी अपना प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना विवरण अपडेट करवा सकते यदि आधार अपडेट न होने के कारण प्रमाणीकरण में समस्या आ रही है, तो संबंधित पेंशनधारी निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना विवरण अपडेट करवा सकते हैं। इससे प्रमाणीकरण में आने वाली बाधाएं दूर हो जाएंगी। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के आंकड़ों के अनुसार, मधुबनी जिले में कुल 6,08,081 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण CSC के माध्यम से किया जाना है। इनमें से अब तक केवल 3,68,000 (लगभग 60 प्रतिशत) पेंशनधारियों ने ही यह प्रक्रिया पूरी की है। शेष पेंशनधारियों से जिला प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने आग्रह किया है कि वे अविलंब जीवन प्रमाणीकरण कराएं ताकि उन्हें निर्बाध रूप से पेंशन मिलती रहे। मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा ने जिले के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों से अपील की है कि वे अपना जीवन प्रमाणीकरण (Life Certification) शीघ्र करा लें। ऐसा न करने पर उनकी पेंशन अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है। जिले में कुल 6,08,081 पेंशनधारियों में से लगभग 40 प्रतिशत ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। सामाजिक सुरक्षा कोषांग, मधुबनी द्वारा संचालित छह प्रकार की पेंशन योजनाओं के तहत वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। पेंशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी पेंशनधारियों को वर्ष में कम से कम एक बार जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर निशुल्क कराया जा सकता यह प्रमाणीकरण किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर निशुल्क कराया जा सकता है। कोषांग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जीवन प्रमाणीकरण न कराने वाले पेंशनधारियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। डीपीआरओ परिमल कुमार ने बताया कि जीवन प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिन पेंशनधारियों के फिंगरप्रिंट काम नहीं करते, वे आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के माध्यम से भी अपना प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना विवरण अपडेट करवा सकते यदि आधार अपडेट न होने के कारण प्रमाणीकरण में समस्या आ रही है, तो संबंधित पेंशनधारी निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना विवरण अपडेट करवा सकते हैं। इससे प्रमाणीकरण में आने वाली बाधाएं दूर हो जाएंगी। जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के आंकड़ों के अनुसार, मधुबनी जिले में कुल 6,08,081 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण CSC के माध्यम से किया जाना है। इनमें से अब तक केवल 3,68,000 (लगभग 60 प्रतिशत) पेंशनधारियों ने ही यह प्रक्रिया पूरी की है। शेष पेंशनधारियों से जिला प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने आग्रह किया है कि वे अविलंब जीवन प्रमाणीकरण कराएं ताकि उन्हें निर्बाध रूप से पेंशन मिलती रहे।  

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