कटिहार में थाने से लाइसेंसी पिस्टल गायब:मालखाने में चुनाव के दौरान जमा कराई थी, SP ने जांच कमेटी बनाई

कटिहार में थाने से लाइसेंसी पिस्टल गायब:मालखाने में चुनाव के दौरान जमा कराई थी, SP ने जांच कमेटी बनाई

कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र से एक लाइसेंसी पिस्टल के मालखाने से गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस अभिरक्षा में रखी गई इस पिस्टल के लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने घटना की पुष्टि की है। लोकनाथनगर निवासी चंद्रशेखर सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण अपनी लाइसेंसी पिस्टल 1 नवंबर 2025 को सहायक थाना में जमा कराई थी। यह पिस्टल बिना मैगजीन के थाने के मालखाने में सुरक्षित रखी गई थी। कोई सुराग नहीं मिला
चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, चंद्रशेखर सिंह 31 दिसंबर 2025 को अपनी पिस्टल वापस लेने सहायक थाना पहुंचे। थाना कर्मियों ने मालखाने में काफी खोजबीन की, लेकिन पिस्टल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस अभिरक्षा में रखी गई पिस्टल गायब हो चुकी है। पिस्टल चुनाव के दौरान जमा कराई गई थी
इस मामले में सहायक थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि यह पिस्टल चुनाव के दौरान अन्य हथियारों के साथ विधिवत जमा कराई गई थी। जब अनुज्ञप्तिधारी इसे वापस लेने पहुंचे तो यह मालखाने में मौजूद नहीं मिली। अज्ञात लोगों पर की FIR
अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही, जिस पुलिस पदाधिकारी ने पिस्टल रिसीव की थी और जिसकी जिम्मेदारी इसे सुरक्षित रखने और वापस करने की थी, उनका नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है।
पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संबंधित पुलिस पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस बोली- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
फिलहाल पुलिस लापता पिस्टल की बरामदगी के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र से एक लाइसेंसी पिस्टल के मालखाने से गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस अभिरक्षा में रखी गई इस पिस्टल के लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने घटना की पुष्टि की है। लोकनाथनगर निवासी चंद्रशेखर सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण अपनी लाइसेंसी पिस्टल 1 नवंबर 2025 को सहायक थाना में जमा कराई थी। यह पिस्टल बिना मैगजीन के थाने के मालखाने में सुरक्षित रखी गई थी। कोई सुराग नहीं मिला
चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, चंद्रशेखर सिंह 31 दिसंबर 2025 को अपनी पिस्टल वापस लेने सहायक थाना पहुंचे। थाना कर्मियों ने मालखाने में काफी खोजबीन की, लेकिन पिस्टल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस अभिरक्षा में रखी गई पिस्टल गायब हो चुकी है। पिस्टल चुनाव के दौरान जमा कराई गई थी
इस मामले में सहायक थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि यह पिस्टल चुनाव के दौरान अन्य हथियारों के साथ विधिवत जमा कराई गई थी। जब अनुज्ञप्तिधारी इसे वापस लेने पहुंचे तो यह मालखाने में मौजूद नहीं मिली। अज्ञात लोगों पर की FIR
अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही, जिस पुलिस पदाधिकारी ने पिस्टल रिसीव की थी और जिसकी जिम्मेदारी इसे सुरक्षित रखने और वापस करने की थी, उनका नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है।
पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संबंधित पुलिस पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस बोली- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
फिलहाल पुलिस लापता पिस्टल की बरामदगी के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *