भास्कर न्यूज| अररिया। जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा पलासी प्रखंड में जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है। जिसमें प्रतीक्षा किसान खाद-बीज भंडार, कलाही (पलासी) के प्रोपराइटर सुनील कुमार का उर्वरक लाइसेंस रद्द कर दिया गया। वहीं विजय खाद-बीज भंडार, नकटाखुर्द (पलासी) के प्रोपराइटर संजय यादव तथा नमन खाद-बीज स्टोर, बिहारी (पलासी) के प्रोपराइटर सुमन कुमार की दुकान बंद पाई गई। दोनों विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद उनकी अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। कृषि विभाग जारी आंकड़ों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 683 जगहों पर छापेमारी की गई है। जिसमें 6 पर प्राथमिकी दर्ज, 5 का लाइसेंस रद्द, 8 का लाइसेंस निलंबित तथा 8 मामलों में स्पष्टीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं आईएमएफएस पोर्टल के अनुसार जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है। जिले के 1168 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पास 8906.290 मीट्रिक टन यूरिया, यानि 1,97,918 बैग उपलब्ध हैं। इसके अलावा 941 विक्रेताओं के पास 5658.327 मीट्रिक टन डीएपी, अर्थात 1,13,166 बैग मौजूद है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। भास्कर न्यूज| अररिया। जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा पलासी प्रखंड में जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर खाद विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है। जिसमें प्रतीक्षा किसान खाद-बीज भंडार, कलाही (पलासी) के प्रोपराइटर सुनील कुमार का उर्वरक लाइसेंस रद्द कर दिया गया। वहीं विजय खाद-बीज भंडार, नकटाखुर्द (पलासी) के प्रोपराइटर संजय यादव तथा नमन खाद-बीज स्टोर, बिहारी (पलासी) के प्रोपराइटर सुमन कुमार की दुकान बंद पाई गई। दोनों विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद उनकी अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। कृषि विभाग जारी आंकड़ों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 683 जगहों पर छापेमारी की गई है। जिसमें 6 पर प्राथमिकी दर्ज, 5 का लाइसेंस रद्द, 8 का लाइसेंस निलंबित तथा 8 मामलों में स्पष्टीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं आईएमएफएस पोर्टल के अनुसार जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है। जिले के 1168 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के पास 8906.290 मीट्रिक टन यूरिया, यानि 1,97,918 बैग उपलब्ध हैं। इसके अलावा 941 विक्रेताओं के पास 5658.327 मीट्रिक टन डीएपी, अर्थात 1,13,166 बैग मौजूद है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।


