GUNA NEWS गुना. शहर के विकास की राह अब फाइलों के जंजाल और प्रशासनिक खींचतान में पूरी तरह उलझकर रह गई है। नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता और प्रभारी सीएमओ मंजूषा खत्री के बीच जारी ‘लेटर वॉर’ ने निकाय के कामकाज को ठप कर दिया है। नपा अध्यक्ष द्वारा पूर्व में लगाए गए आरोपों के बाद, अब सीएमओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए एक के बाद एक तीन पत्र लिखकर अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस आपसी वर्चस्व की लड़ाई का सीधा असर शहर के 37 वार्डों के विकास कार्यों और आम जनता की सुविधाओं पर पड़ रहा है। प्रभारी सीएमओ मंजूषा खत्री ने 10 मार्च को अध्यक्ष को लिखे अपने पहले पत्र में शहर के अति आवश्यक कार्यों के लंबित होने पर गहरी चिंता जताई है। पत्र की प्रति कलेक्टर, संयुक्त संचालक (ग्वालियर) और परियोजना अधिकारी को भेजकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण कार्य, ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाएं और वर्षा पूर्व नालों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य फाइलों के अटके रहने के कारण बाधित हो रहे हैं। सीएमओ ने अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण फाइलें भेजे जाने के बावजूद उन पर समय पर निर्णय नहीं लिया जाता। यदि किसी फाइल में सुधार या संशोधन की आवश्यकता है, तो उसे तत्काल कार्यालय में बताने के बजाय अनावश्यक रूप से विलंबित किया जा रहा है, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समय-सीमा में पूरी नहीं हो पा रही हैं।
शहर सुपर 75 सिटीज की सूची में, फिर भी काम में सुस्ती
दूसरे पत्र में सीएमओ ने सीधे संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को संबोधित करते हुए कहा कि शहर सुपर 75 सिटीज की श्रेणी में आता है, प्रशासनिक उदासीनता के कारण विकास कार्य ठप हैं। सीएमओ ने शिकायत की कि प्रशासकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब फाइलें अध्यक्ष के पास अग्रिम कार्रवाई हेतु भेजी जाती हैं, तो उन पर हस्ताक्षर करने के बजाय अनुचित टिप्पणियां की जाती हैं। इन टीपों के कारण न केवल नपा का स्टाफ हतोत्साहित हो रहा है, बल्कि निकाय के हित भी प्रभावित हो रहे हैं।
तकनीकी समीक्षा की मांग, उपयंत्रियों के काम पर उठाए सवाल
तीसरे पत्र में सीएमओ ने नगर पालिका के तकनीकी कामकाज की कलई खोल दी है। उन्होंने नपा अध्यक्ष, कलेक्टर और कार्यपालन यंत्री (नगरीय प्रशासन) को लिखे पत्र में साफ कहा कि उपयंत्रियों द्वारा वार्डों के विकास संबंधी आवेदनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। तकनीकी स्वीकृति लेने में भी भारी लापरवाही बरती जा रही है। सीएमओ ने कार्यपालन यंत्री से मांग की है कि वे स्वयं तकनीकी कार्यों की समीक्षा करें, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
आरोप गलत, फाइलें नहीं लटकाती…
नपा अध्यक्ष सविता गुप्ता ने सीएमओ द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कहा कि मेरे पास जो भी फाइलें आती हैं, उनका परीक्षण किया जाता है और बिना किसी उचित कारण के उन्हें कभी नहीं लटकाया जाता।


