मिर्जापुर में कृषि विभाग ने थोक उर्वरक व्यवसायियों के गोदामों पर छापा मारा। इस दौरान मेसर्स राजाराम रामप्रकाश के गोदाम में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिसके बाद उनके लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की गई है। सत्यापन के समय मेसर्स राजाराम रामप्रकाश के गोदाम में 605 मीट्रिक टन एनपीके और 89.9 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक मिला। हालांकि, आईएफएमएस पोर्टल पर गोदाम में 28.71 मीट्रिक टन यूरिया, 89.9 मीट्रिक टन डीएपी और 605.8 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक दर्शाया गया था। भौतिक सत्यापन में यूरिया की निर्धारित मात्रा नहीं पाई गई, जो प्रथम दृष्टया कालाबाजारी की आशंका को दर्शाता है। इस गंभीर अनियमितता के चलते संबंधित थोक व्यवसायी का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है। साथ ही, गोदाम से उर्वरक के चार संदिग्ध नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। अभियान के तहत मेसर्स अजय कुमार एंड कंपनी के गोदाम का भी निरीक्षण किया गया। यहां स्टॉक का मिलान सही पाया गया, और इस गोदाम से भी उर्वरक के दो नमूने लिए गए। इसी प्रकार, मेसर्स मारुति केमिकल्स कंपनी के गोदाम में 15.5 मीट्रिक टन एनपीके और 23.5 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक उपलब्ध मिला, जहां से दो नमूने संग्रहित किए गए। जिला कृषि विभाग ने सभी थोक उर्वरक व्यवसायियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि उर्वरक कंपनियों से प्राप्त होने वाली प्रत्येक खेप, चाहे वह रैक प्वाइंट से हो या बफर गोदाम से, रिटेलरों को वितरित करने से पहले जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक को अनिवार्य रूप से सूचित करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रिटेल प्वाइंट पर कृषि विभाग के कर्मचारियों की तैनाती हो, जिससे किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अनुदानित उर्वरक पर किसी भी प्रकार के अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए और उर्वरक केवल निर्धारित सरकारी दर पर ही रिटेलर व्यवसायियों को उपलब्ध कराया जाए। निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


