सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के मुसब्बरपुर गांव में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी से दहशत का माहौल बन गया है। बृहस्पतिवार को गांव के बाहर जंगल के पास तेंदुए के दिखने से किसानों में हड़कंप मच गया और खेतों में काम कर रहे लोग जान बचाकर भाग खड़े हुए। ग्रामीण अमित के अनुसार, वह खेत में काम कर रहे थे, तभी उन्होंने राजकुमार के खेत में एक तेंदुआ खड़ा देखा। देखते ही देखते तेंदुआ पास ही मौजूद नीलगायों के झुंड की ओर तेजी से दौड़ पड़ा। यह नजारा देखकर अमित ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के किसान भी डरकर खेतों से भाग गए। कुछ ही देर में गांव के करीब 50 ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर विनीत सक्सेना ने अपनी टीम के साथ खेतों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्हें खेतों में दूर तक तेंदुए के पगचिह्न मिले, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी है। तेंदुए की दहशत के कारण गांव में कृषि कार्य प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं की फसल पक चुकी है, लेकिन अब डर के चलते कटाई नहीं हो पा रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर तेंदुए को पकड़ने के लिए पर्याप्त प्रयास न करने का आरोप भी लगाया है। इस संबंध में रेंजर केएन भार्गव ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया था और तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।


