पीलीभीत के तराई क्षेत्रों में जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में आना एक बड़ी समस्या बन गया है। ताजा मामला घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया मझारा के मौजा चिरागा का है। यहां शनिवार रात एक तेंदुए की चहलकदमी देखी गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने वन विभाग की गश्त और ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में तेंदुआ गांव के समीप खेतों और आबादी वाले रास्तों के पास बेखौफ घूमता नजर आ रहा है। गांव निवासी दर्शन सिंह और हरजिंदर सिंह ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। पिछले कई दिनों से तेंदुआ घरों के आसपास मंडरा रहा है। कुछ समय पहले हरजिंदर सिंह के घर से एक बकरी भी तेंदुआ उठा ले गया था। शनिवार रात दोबारा तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद से ग्रामीण और किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। इससे खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। रात में घना अंधेरा रहता है, जिसका लाभ उठाकर तेंदुआ और अन्य जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में घुस रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से विद्युत आपूर्ति और लाइट की मांग की जा रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रविवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नगर अध्यक्ष सोनी सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कुछ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें गांव में तत्काल प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट) सुधारने, तेंदुए की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम तैनात करने और पिंजरा लगाकर तेंदुए को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग शामिल है। क्या कहता है विभाग?
इस पूरे प्रकरण पर सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी की सूचना प्राप्त हुई है। वन विभाग की टीम को सतर्क कर दिया गया है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें और सतर्कता बरतें।


