वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम:नवादा के वृद्धाश्रम में लगा कैंप, वृद्धों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी मिली

वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम:नवादा के वृद्धाश्रम में लगा कैंप, वृद्धों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी मिली

नवादा में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार 5 अप्रैल 2026 को सुबह 9:30 बजे अकबरपुर प्रखंड के फरहा स्थित वृद्धाश्रम में हुआ। इसका आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के अध्यक्ष श्री आशुतोष कुमार झा के मार्गदर्शन और प्रभारी सचिव श्री अरविंद कुमार के निर्देश पर ‘NALSA (Legal Services to Senior Citizens Scheme-2015)’ के तहत किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पैनल अधिवक्ता श्री चंद्रशेखर सिंह और पीएलवी श्री मनीष कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और आमजन उपस्थित थे। अपने संबोधन में पैनल अधिवक्ता श्री चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि आम लोगों को कानून की जानकारी होना बेहद जरूरी है। कानूनी जानकारी के अभाव में लोग अक्सर परेशान होते हैं और उनका शोषण होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता दिलाने में सहयोग करें, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में उनके सम्मानजनक जीवन, भरण-पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा मौजूद है। विशेष रूप से, ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण, वित्तीय सुरक्षा, संपत्ति की सुरक्षा, चिकित्सा एवं कल्याण तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का अधिकार प्राप्त है। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संतान या संबंधी अधिकरण द्वारा निर्धारित भरण-पोषण राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो अधिकरण वारंट जारी कर वसूली के लिए संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर सकता है। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी सेवाओं और निःशुल्क सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, पैनल अधिवक्ता ने वृद्धाश्रम का दौरा कर वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी सुना। नवादा में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार 5 अप्रैल 2026 को सुबह 9:30 बजे अकबरपुर प्रखंड के फरहा स्थित वृद्धाश्रम में हुआ। इसका आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के अध्यक्ष श्री आशुतोष कुमार झा के मार्गदर्शन और प्रभारी सचिव श्री अरविंद कुमार के निर्देश पर ‘NALSA (Legal Services to Senior Citizens Scheme-2015)’ के तहत किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पैनल अधिवक्ता श्री चंद्रशेखर सिंह और पीएलवी श्री मनीष कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और आमजन उपस्थित थे। अपने संबोधन में पैनल अधिवक्ता श्री चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि आम लोगों को कानून की जानकारी होना बेहद जरूरी है। कानूनी जानकारी के अभाव में लोग अक्सर परेशान होते हैं और उनका शोषण होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता दिलाने में सहयोग करें, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में उनके सम्मानजनक जीवन, भरण-पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा मौजूद है। विशेष रूप से, ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण, वित्तीय सुरक्षा, संपत्ति की सुरक्षा, चिकित्सा एवं कल्याण तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का अधिकार प्राप्त है। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संतान या संबंधी अधिकरण द्वारा निर्धारित भरण-पोषण राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो अधिकरण वारंट जारी कर वसूली के लिए संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर सकता है। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी सेवाओं और निःशुल्क सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, पैनल अधिवक्ता ने वृद्धाश्रम का दौरा कर वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी सुना।  

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