जहानाबाद के एक वृद्धाश्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) सहित कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी जीवन-यापन, राशन और पारिवारिक स्थिति से संबंधित समस्याओं को सुना। जिला जज ने बताया कि यदि कोई परिवार अपने माता-पिता या बुजुर्गों की उपेक्षा करता है, तो कानून में इसके लिए कई प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और न्यायालय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब टीम स्तर पर पहल कर ऐसे परिवारों से संपर्क किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों को उनके परिजनों से जोड़ने का प्रयास किया जा सके और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास संघ के निदेशक और आश्रम संचालक कृष्ण गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्तमान में आश्रम में लगभग 25 असहाय लोगों की देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि बेसहारा लोगों की सेवा करना उनका मुख्य उद्देश्य है और इसमें उनका पूरा परिवार सहयोग करता है। उनका कहना था कि जहां भी कोई असहाय व्यक्ति मिलता है, उसे आश्रम में लाकर सेवा और देखभाल की जाती है। इस शिविर के माध्यम से बुजुर्गों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनके सम्मान और संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। जहानाबाद के एक वृद्धाश्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) सहित कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी जीवन-यापन, राशन और पारिवारिक स्थिति से संबंधित समस्याओं को सुना। जिला जज ने बताया कि यदि कोई परिवार अपने माता-पिता या बुजुर्गों की उपेक्षा करता है, तो कानून में इसके लिए कई प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और न्यायालय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब टीम स्तर पर पहल कर ऐसे परिवारों से संपर्क किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों को उनके परिजनों से जोड़ने का प्रयास किया जा सके और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास संघ के निदेशक और आश्रम संचालक कृष्ण गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्तमान में आश्रम में लगभग 25 असहाय लोगों की देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि बेसहारा लोगों की सेवा करना उनका मुख्य उद्देश्य है और इसमें उनका पूरा परिवार सहयोग करता है। उनका कहना था कि जहां भी कोई असहाय व्यक्ति मिलता है, उसे आश्रम में लाकर सेवा और देखभाल की जाती है। इस शिविर के माध्यम से बुजुर्गों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनके सम्मान और संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।


