बेतिया में लेफ्ट दलों के नेताओं ने मंगलवार को जिला समाहरणालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बिहार सरकार द्वारा बेतिया राज भूमि से जुड़े नए कानून और गरीबों को उजाड़ने की आशंका के विरोध में आयोजित किया गया था। भाकपा माले के पूर्व विधायक बिरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह धरना-प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने गृह मंत्री को “तानाशाह और उद्दंड व्यक्ति” बताया। “कोर्ट ऑफ वार्ड्स” जैसा नया कानून पेश किया पूर्व विधायक बिरेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू सरकार ने गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने के उद्देश्य से “कोर्ट ऑफ वार्ड्स” जैसा नया कानून पेश किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अडानी-अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों के हित में “बेतिया राज भूमि अधिग्रहण कानून” के नाम से नया प्रावधान बनाया है। गुप्ता के अनुसार, इस नए प्रावधान के जरिए गरीबों को उनकी जमीन और घरों से बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेतिया राज की जिस जमीन पर लोग वर्षों से रह रहे हैं, सरकार को उन्हें पर्चा देना चाहिए। नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव इसके बजाय, गरीब परिवारों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। बिरेंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और गृह मंत्री बेतिया राज के निवासियों को उजाड़ने का प्रयास करते हैं, तो जनता इसका करारा जवाब देगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे। नेताओं ने मांग की कि बेतिया राज भूमि पर बसे गरीबों को स्थायी अधिकार दिए जाएं और नोटिस की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। समाहरणालय परिसर में इस प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लेफ्ट नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक गरीबों को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। बेतिया में लेफ्ट दलों के नेताओं ने मंगलवार को जिला समाहरणालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बिहार सरकार द्वारा बेतिया राज भूमि से जुड़े नए कानून और गरीबों को उजाड़ने की आशंका के विरोध में आयोजित किया गया था। भाकपा माले के पूर्व विधायक बिरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में बेतिया राज भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह धरना-प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने गृह मंत्री को “तानाशाह और उद्दंड व्यक्ति” बताया। “कोर्ट ऑफ वार्ड्स” जैसा नया कानून पेश किया पूर्व विधायक बिरेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू सरकार ने गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने के उद्देश्य से “कोर्ट ऑफ वार्ड्स” जैसा नया कानून पेश किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अडानी-अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों के हित में “बेतिया राज भूमि अधिग्रहण कानून” के नाम से नया प्रावधान बनाया है। गुप्ता के अनुसार, इस नए प्रावधान के जरिए गरीबों को उनकी जमीन और घरों से बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेतिया राज की जिस जमीन पर लोग वर्षों से रह रहे हैं, सरकार को उन्हें पर्चा देना चाहिए। नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव इसके बजाय, गरीब परिवारों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। बिरेंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और गृह मंत्री बेतिया राज के निवासियों को उजाड़ने का प्रयास करते हैं, तो जनता इसका करारा जवाब देगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे। नेताओं ने मांग की कि बेतिया राज भूमि पर बसे गरीबों को स्थायी अधिकार दिए जाएं और नोटिस की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। समाहरणालय परिसर में इस प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लेफ्ट नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक गरीबों को न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।


