अमेरिका में 25 लाख की नौकरी छोड़ी,अब कांग्रेस में जाएंगे:बोले- मेरा गांव बाढ़ में डूब गया, कोई नेता देखने नहीं आया; इसलिए पॉलिटिक्स में आ रहा

अमेरिका में 25 लाख की नौकरी छोड़ी,अब कांग्रेस में जाएंगे:बोले- मेरा गांव बाढ़ में डूब गया, कोई नेता देखने नहीं आया; इसलिए पॉलिटिक्स में आ रहा

कांग्रेस ने बिहार में पार्टी को मजबूत करने के लिए नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाया। इसमें 9100 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कुल 100 लोग फाइनल राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं। इसमें 3 पदों के लिए 3 या उससे ज्यादा लोगों का सिलेक्शन होना है। टैलेंट हंट में शामिल होने के लिए इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, UPSC एस्पायरेंट भी पहुंचे। सऊदी अरब में काम कर रहे एक इंजीनियर ने 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ी। अब कांग्रेस से जुड़ने के लिए इच्छुक हैं। एक इंजीनियर कैंडिडेट ने राहुल गांधी की बात से प्रभावित होकर सऊदी अरब में 18 लाख सालाना की नौकरी छोड़ी और बिहार आ गए। अब कांग्रेस में जाना चाहते हैं। USA-UK की नौकरी 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ी महफूज आलम अमौर, पूर्णिया के रहने वाले हैं। अभी वह यूएसए-यूके की फुल टाइम जॉब को छोड़कर एक कंसल्टेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से बीटेक और फिर IPU यूनिवर्सिटी से एमटेक किया है। महफूज आलम ने कहा, मैं USA-UK में 25 लाख रुपए की नौकरी करता था। 2017 में एक भयानक बाढ़ मेरे गांव में आई थी। जब हमारा घर डूब रहा था, तब कोई पॉलिटिकल नेता ने आकर हमारी मदद नहीं की थी। मैंने 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ दी। गांव वापस आ गया। अभी मैं बिहार आकर समाज की समस्याओं को ठीक करने का बीड़ा उठाया हूं। मुझे सोशल मीडिया से इस प्रोग्राम के बारे में पता चला था, जिसका मैं हिस्सा बनने आया हूं। कांग्रेस से जुड़ने की शुरू से ही इच्छा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए ऐसे ही कुछ कैंडिडेट्स की कहानी जो कांग्रेस जॉइन करने की इच्छा रखते हैं… राहुल गांधी की एक बात से पॉलिटिक्स में आने की मिली प्रेरणा सऊदी अरब में काम कर रहे इंजीनियर अशफाक खान राहुल गांधी से प्रेरित हुए। नौकरी छोड़कर बिहार आ गए। उन्होंने कहा, मेरी मुलाकात राहुल गांधी से पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा में हुई थी। वहां उन्होंने मुझसे कहा था कि सभी कहते हैं पॉलिटिक्स डर्टी है, लेकिन उसे साफ करने कोई नहीं आता है। तुम आओ और इसे क्लीन करो। यह बात उनकी मुझे काफी प्रभावित कर गई। उसके बाद मैं सऊदी से नौकरी छोड़कर बिहार आ गया। अब मैं कांग्रेस से जुड़कर अपने लोगों के लिए काम करना चाहता हूं। बता दें कि अशफाक खान बगहा के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक, एमबीए और पीएचडी किया है। अभी वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। सऊदी अरब में एक नीजी कंपनी में वह मार्केटिंग मैनेजर थे। नौकरी छोड़ने के बाद वह पार्टी से जुड़ गए थे। ब्लॉक और जिला के अलग-अलग पोस्ट पर भी रहे हैं। बेंगलुरु के मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हुए किया अप्लाई बेंगलुरु के एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे इंजीनियर मणी प्रकाश तिवारी भी कांग्रेस के इस टैलेंट हंट कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा, मुझे फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान इस टैलेंट हंट प्रोग्राम की जानकारी मिली थी। मेरे दादा खुद एक स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्हें समस्तीपुर इलाके का गांधी कहा जाता था। वह स्वतंत्रता आंदोलन में 9 साल जेल में रहे थे। उनसे ही मुझे प्रेरणा मिली। UPSC एस्पायरेंट को परिवार वालों ने सोचने की दी थी सलाह UPSC एस्पायरेंट सत्यम कुमार भी कांग्रेस के प्रोग्राम में शामिल होने सदाकत आश्रम पहुंचे थे। सत्यम ने कहा, कार्यक्रम के बारे में जानकारी टीवी न्यूज़ चैनल से मिली थी। मैंने पहली बार पॉलिटिक्स से जुड़ने का एक्सपीरियंस किया है। इससे पहले मैं एजुकेशन के क्षेत्र से जुड़ा था। हालांकि, जब मैं इसके लिए रजिस्ट्रेशन कर रहा था तो मेरे घर वालों ने मुझे मना भी किया था। उन्होंने मुझे समझाया था कि यह बिल्कुल ही अलग बैकग्राउंड है। यहां पॉलिटिक्स का क्राइम से कनेक्शन है। कई बाहुबली लोग इसमें शामिल हैं। मेरे माता-पिता ने कहा कि मैं सोच समझकर डिसीजन लूं और उनका नाम खराब ना करूं। मुझे यह भी बातें कही गई कि अगर मैं पॉलिटिक्स से जुड़ रहा हूं तो ऐसी पार्टी के साथ जाऊं जिसका कोई फ्यूचर हो। हाईकोर्ट की वकील बापू की तस्वीर से हुई प्रेरित हाई कोर्ट की वकील रेखा सिंह ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन किया। उन्होंने कहा, मैं बीते 15 साल से दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में काम कर रही हूं। पटना हाईकोर्ट में भी मुझे काम करने का मौका मिला है। महात्मा गांधी की तस्वीर देखकर इस कार्यक्रम में जुड़ने का विचार आया। कांग्रेस की इस पहल से हर राज्य के लोग उभरकर आ रहे हैं। दिल्ली में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की करुण नंदन पासवान ने बताया, वह दिल्ली में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते थे। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को अपने विचारों से नजदीक पाया। इस पार्टी से जुड़ने का मन बना लिया। कांग्रेस की एक ऐसी पार्टी है जिसने देश को आजादी दिलाई और विकास के रास्ते पर लेकर आई। कांग्रेस के प्रोग्राम के लिए काफी अच्छा रिस्पांस मिला कांग्रेस प्रवक्ता चंद्रभूषण ने कहा, हमें इस टैलेंट हंट प्रोग्राम के लिए काफी अच्छा फीडबैक मिला है। हमने यह प्रोग्राम इसलिए ऑर्गेनाइज किया था, क्योंकि चुनाव के टाइम हमें बहुत लोगों ने कॉल किया था कि वह हमसे जुड़ना चाहते हैं। इसलिए हमने इस प्रोग्राम का आयोजन किया है। हमें काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। हमें पूरी उम्मीद है कि यंग माइंड हमारी पार्टी से जुड़ेंगे और 2030 में हमारे सत्ता में आने में भागीदार बनेंगे। कांग्रेस ने बिहार में पार्टी को मजबूत करने के लिए नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाया। इसमें 9100 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। कुल 100 लोग फाइनल राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं। इसमें 3 पदों के लिए 3 या उससे ज्यादा लोगों का सिलेक्शन होना है। टैलेंट हंट में शामिल होने के लिए इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, UPSC एस्पायरेंट भी पहुंचे। सऊदी अरब में काम कर रहे एक इंजीनियर ने 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ी। अब कांग्रेस से जुड़ने के लिए इच्छुक हैं। एक इंजीनियर कैंडिडेट ने राहुल गांधी की बात से प्रभावित होकर सऊदी अरब में 18 लाख सालाना की नौकरी छोड़ी और बिहार आ गए। अब कांग्रेस में जाना चाहते हैं। USA-UK की नौकरी 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ी महफूज आलम अमौर, पूर्णिया के रहने वाले हैं। अभी वह यूएसए-यूके की फुल टाइम जॉब को छोड़कर एक कंसल्टेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से बीटेक और फिर IPU यूनिवर्सिटी से एमटेक किया है। महफूज आलम ने कहा, मैं USA-UK में 25 लाख रुपए की नौकरी करता था। 2017 में एक भयानक बाढ़ मेरे गांव में आई थी। जब हमारा घर डूब रहा था, तब कोई पॉलिटिकल नेता ने आकर हमारी मदद नहीं की थी। मैंने 25 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़ दी। गांव वापस आ गया। अभी मैं बिहार आकर समाज की समस्याओं को ठीक करने का बीड़ा उठाया हूं। मुझे सोशल मीडिया से इस प्रोग्राम के बारे में पता चला था, जिसका मैं हिस्सा बनने आया हूं। कांग्रेस से जुड़ने की शुरू से ही इच्छा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए ऐसे ही कुछ कैंडिडेट्स की कहानी जो कांग्रेस जॉइन करने की इच्छा रखते हैं… राहुल गांधी की एक बात से पॉलिटिक्स में आने की मिली प्रेरणा सऊदी अरब में काम कर रहे इंजीनियर अशफाक खान राहुल गांधी से प्रेरित हुए। नौकरी छोड़कर बिहार आ गए। उन्होंने कहा, मेरी मुलाकात राहुल गांधी से पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा में हुई थी। वहां उन्होंने मुझसे कहा था कि सभी कहते हैं पॉलिटिक्स डर्टी है, लेकिन उसे साफ करने कोई नहीं आता है। तुम आओ और इसे क्लीन करो। यह बात उनकी मुझे काफी प्रभावित कर गई। उसके बाद मैं सऊदी से नौकरी छोड़कर बिहार आ गया। अब मैं कांग्रेस से जुड़कर अपने लोगों के लिए काम करना चाहता हूं। बता दें कि अशफाक खान बगहा के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक, एमबीए और पीएचडी किया है। अभी वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। सऊदी अरब में एक नीजी कंपनी में वह मार्केटिंग मैनेजर थे। नौकरी छोड़ने के बाद वह पार्टी से जुड़ गए थे। ब्लॉक और जिला के अलग-अलग पोस्ट पर भी रहे हैं। बेंगलुरु के मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हुए किया अप्लाई बेंगलुरु के एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे इंजीनियर मणी प्रकाश तिवारी भी कांग्रेस के इस टैलेंट हंट कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। उन्होंने कहा, मुझे फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान इस टैलेंट हंट प्रोग्राम की जानकारी मिली थी। मेरे दादा खुद एक स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्हें समस्तीपुर इलाके का गांधी कहा जाता था। वह स्वतंत्रता आंदोलन में 9 साल जेल में रहे थे। उनसे ही मुझे प्रेरणा मिली। UPSC एस्पायरेंट को परिवार वालों ने सोचने की दी थी सलाह UPSC एस्पायरेंट सत्यम कुमार भी कांग्रेस के प्रोग्राम में शामिल होने सदाकत आश्रम पहुंचे थे। सत्यम ने कहा, कार्यक्रम के बारे में जानकारी टीवी न्यूज़ चैनल से मिली थी। मैंने पहली बार पॉलिटिक्स से जुड़ने का एक्सपीरियंस किया है। इससे पहले मैं एजुकेशन के क्षेत्र से जुड़ा था। हालांकि, जब मैं इसके लिए रजिस्ट्रेशन कर रहा था तो मेरे घर वालों ने मुझे मना भी किया था। उन्होंने मुझे समझाया था कि यह बिल्कुल ही अलग बैकग्राउंड है। यहां पॉलिटिक्स का क्राइम से कनेक्शन है। कई बाहुबली लोग इसमें शामिल हैं। मेरे माता-पिता ने कहा कि मैं सोच समझकर डिसीजन लूं और उनका नाम खराब ना करूं। मुझे यह भी बातें कही गई कि अगर मैं पॉलिटिक्स से जुड़ रहा हूं तो ऐसी पार्टी के साथ जाऊं जिसका कोई फ्यूचर हो। हाईकोर्ट की वकील बापू की तस्वीर से हुई प्रेरित हाई कोर्ट की वकील रेखा सिंह ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन किया। उन्होंने कहा, मैं बीते 15 साल से दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में काम कर रही हूं। पटना हाईकोर्ट में भी मुझे काम करने का मौका मिला है। महात्मा गांधी की तस्वीर देखकर इस कार्यक्रम में जुड़ने का विचार आया। कांग्रेस की इस पहल से हर राज्य के लोग उभरकर आ रहे हैं। दिल्ली में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की करुण नंदन पासवान ने बताया, वह दिल्ली में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते थे। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को अपने विचारों से नजदीक पाया। इस पार्टी से जुड़ने का मन बना लिया। कांग्रेस की एक ऐसी पार्टी है जिसने देश को आजादी दिलाई और विकास के रास्ते पर लेकर आई। कांग्रेस के प्रोग्राम के लिए काफी अच्छा रिस्पांस मिला कांग्रेस प्रवक्ता चंद्रभूषण ने कहा, हमें इस टैलेंट हंट प्रोग्राम के लिए काफी अच्छा फीडबैक मिला है। हमने यह प्रोग्राम इसलिए ऑर्गेनाइज किया था, क्योंकि चुनाव के टाइम हमें बहुत लोगों ने कॉल किया था कि वह हमसे जुड़ना चाहते हैं। इसलिए हमने इस प्रोग्राम का आयोजन किया है। हमें काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। हमें पूरी उम्मीद है कि यंग माइंड हमारी पार्टी से जुड़ेंगे और 2030 में हमारे सत्ता में आने में भागीदार बनेंगे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *