जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़े नकली किन्नर गिरोह से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यू-ट्यूब वीडियो देखकर आशीर्वाद से लेकर बद्दुआ देने तक का नकली किन्नरों ने पूरा नाटक सीखा था। साड़ी-ब्लाउज पहनने के साथ ही मेकअप, नकली बाल और तैयार होते समय शरीर की बनावट तक का ध्यान रखकर नकल की जाती थी। आरोपियों ने असली किन्नर को गिरोह का सरगना बना रखा था। इसके लिए गुरु दक्षिणा के तौर पर वसूली का कुछ हिस्सा दिया जाता था। दिल्ली-अजमेर हाईवे पर बद्दुआओं के नाम पर डराकर गिरोह हर महीने लाखों रुपए की वसूली करता था। जब मनमर्जी की वसूली नहीं मिलती तो गिरोह परिवार के लोगों के साथ भी बदसलूकी करते थे। विरोध करने पर गाली-गलौज के साथ शीशे पीटते। पुलिस ने 9 लोगों को किया था गिरफ्तार
एसीपी (वैशाली नगर) अनिल शर्मा ने बताया- 16 मार्च को करणी विहार थाना पुलिस ने वसूली गैंग को गिरफ्तार किया था। इनमें महिला किन्नर माही सैनी (25) सहित नकली किन्नर चंदपाल उर्फ शैलेन्द्र उर्फ रोनक (35), कोरी उर्फ मोनू (31), सूरज अरोरा उर्फ संजना (29), प्रतीक जाटव उर्फ रवि जाटव (23), योगेंद्र सिंह उर्फ छोटी (24), भागचंद खटीक उर्फ वृंदान (24) और वेदप्रकाश (23) उर्फ वेदीका और रामावतार उर्फ रानी (25) को अरेस्ट किया गया था। यू-ट्यूब से ट्रेनिंग लेकर नकली किन्नर बने पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नकली किन्नरों ने यू-ट्यूब वीडियो देखकर असली किन्नरों की बोल-चाल, हाव-भाव और आशीर्वाद और बद्दुआ देने का पूरा नाटक सीखा था। यू-ट्यूब वीडियो देख-देखकर किन्नरों की ‘अदा’ की पूरी कॉपी की जाती थी। साड़ी-ब्लाउज पहनने के साथ ही मेकअप, नकली बाल और तैयार होते समय शरीर की बनावट तक का ध्यान रखकर नकल की जाती थी। सैकड़ों वीडियो देखकर ट्रेनिंग के बाद असली किन्नर बनकर रेड लाइट सिग्नल और टोल प्लाजा पर वाहन रुकने के बाद वसूली का खेल करते थे। वसूली का टारगेट था फिक्स असली किन्नरों की तरह नकल कर गाड़ियों में सवार परिवारों को बद्दुआ देने का डर दिखाकर रुपयों की मांग करते। मन-मुताबिक और हैसियत के हिसाब से रुपए मिलने पर आशीर्वाद देकर आगे बढ़ जाते थे। बद्दुआओं के नाम पर डराकर नकली किन्नर गिरोह हर महीने लाखों रुपए की वसूली करता था। गिरोह के प्रत्येक नकली किन्नर का रोज का 5 हजार रुपए तक का वसूली टारगेट फिक्स था। नकली किन्नर बनकर वसूले रुपए का एक बड़ा हिस्सा नशा और शौक-मौज में उड़ाया जाता था। असली किन्नर से मिली मदद पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला किन्नर माही सैनी को नकली किन्नर गिरोह ने सरगना बना रखा था। असली किन्नरों के रहन-सहन और तौर-तरीकों में उससे मदद ली जाती थी। जिसके एवज में नकली किन्नरों की ओर से उसे गुरु दक्षिणा के तौर पर वसूली का कुछ हिस्सा दिया जाता था। जांच में ये भी सामने आया है कि मेहनत मजदूरी छोड़कर एक के बाद एक मेंबर को पता चलने पर वे गिरोह से जुड़ते गए। नकली किन्नर गिरोह के ज्यादातर मेंबर यूपी-एमपी से जुड़े हैं। पुलिस कार्रवाई के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे पर सक्रिय नकली किन्नर गिरोह के कई गैंग अंडरग्राउंड हो गए हैं। विरोध पर परिवार से बदसलूकी नकली किन्नर गिरोह की ओर से टोल प्लाजा और रेड लाइट सिग्नल पर टारगेट करने वाले लोग पहले से ही तय थे। वे उन गाड़ियों को टारगेट करते थे, जिनमें महिलाएं-बच्चे या परिवार मौजूद होता था। बद्दुआ के नाम का डर दिखाकर कैश की डिमांड करते। इसके साथ ही नए वाहन और हाथों की मेहंदी देखकर नवविवाहित जोड़ों से ज्यादा रकम ऐंठते थे। डिमांड के अनुसार रुपए नहीं देने और विरोध करने पर गाली-गलौज के साथ शीशे पीटते। अपने कपड़े उठाकर बदसलूकी के साथ गाड़ियों के आगे बैठ जाते थे। मन-मुताबिक मोटी वसूली के बाद ही सामने से हटते थे। —– नकली किन्नर गिरोह से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए…


