उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने चित्रकूट में फर्जी सिम कार्ड के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर अपराध और धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रतापगढ़ जनपद का निवासी शिहांन शेख, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और जो लंबे समय से फरार चल रहा था, आखिरकार STF के हत्थे चढ़ गया। एसटीएफ टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद सीधे थाना राजापुर ले गई, जहां उससे गहन पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। शिहांन शेख फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी कराने और उन्हें आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल कराने वाले नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। 2025 में दर्ज हुआ था फर्जी सिम का केस फर्जी सिम कार्ड से जुड़ा यह मामला वर्ष 2025 में थाना राजापुर में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि गिरोह ने दर्जनों फर्जी सिम कार्ड सक्रिय कराए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी, फर्जी कॉलिंग और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में यूपी एसटीएफ को शामिल किया गया। अब तक 8 आरोपी जेल भेजे जा चुके इस केस में अब तक गिरोह से जुड़े 8 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मुख्य सरगना शिहांन शेख पुलिस की पकड़ से बाहर था, जिसके चलते उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जेल भेजा गया आरोपी, नेटवर्क की और परतें खुलेंगी गिरफ्तारी के बाद शिहांन शेख को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरे गिरोह की साजिश का खुलासा किया जाएगा। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता यूपी एसटीएफ और चित्रकूट पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फर्जी सिम कार्ड और साइबर ठगी से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


