लखनऊ में संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और अपडेट रखने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी आवंटित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान से जहां संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट होगा, वहीं फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर भी लगाम लगेगी। फिलहाल कई संपत्तियों के रिकॉर्ड अधूरे या अनुपलब्ध हैं, जिससे न केवल प्राधिकरण का काम प्रभावित होता है, बल्कि आवंटियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। डिजिटाइजेशन से जुड़ेगा पूरा डेटा LDA पहले से ही संपत्तियों की फाइलों को डिजिटल रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है। सत्यापन अभियान के जरिए जमीनी हकीकत और रिकॉर्ड का मिलान कर डेटा को पूरी तरह सटीक बनाया जाएगा। एजेंसी करेगी सर्वे, कर्मचारियों को मिलेंगे आईडी कार्ड सत्यापन का जिम्मा पीसीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी प्रा. लि. को दिया गया है। एजेंसी के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। सभी कर्मचारियों को प्राधिकरण की ओर से आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे, ताकि लोग उनकी पहचान कर सकें। आवंटियों से मांगी जाएंगी जरूरी जानकारी सर्वे के दौरान संपत्ति मालिकों से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र लिए जाएंगे। इसके लिए LDA ने सभी जोन के अधिकारियों को प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग इस प्रक्रिया से अवगत रहें। लोगों से सहयोग की अपील उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें। इससे न केवल रिकॉर्ड दुरुस्त होगा, बल्कि भविष्य में मिलने वाली सेवाएं भी अधिक आसान और पारदर्शी बनेंगी।


