सीतामढ़ी में 51वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नए भवन का ई-शिलान्यास किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शिलान्यास किया। इस अवसर पर वरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि 51वीं वाहिनी के लिए बनने वाला यह नया भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें जवानों के लिए बेहतर आवासीय परिसर, आधुनिक कार्यालय कक्ष, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इस नए भवन से जवानों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता और मनोबल में वृद्धि होगी। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों ने परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बल की परिचालन क्षमता को मजबूत करेगी। साथ ही, भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। उन्होंने जोर दिया कि सीमावर्ती जिलों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एसएसबी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, और ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण समय की आवश्यकता है। जिले में सुरक्षा तंत्र और अधिक सशक्त होगा इस कार्यक्रम में 51वीं वाहिनी के कमांडेंट संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने इस पहल को क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया। जनप्रतिनिधियों ने भी केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सीतामढ़ी जिले में सुरक्षा तंत्र और अधिक सशक्त होगा तथा स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति मिलेगी। सीतामढ़ी में 51वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नए भवन का ई-शिलान्यास किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शिलान्यास किया। इस अवसर पर वरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि 51वीं वाहिनी के लिए बनने वाला यह नया भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें जवानों के लिए बेहतर आवासीय परिसर, आधुनिक कार्यालय कक्ष, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इस नए भवन से जवानों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता और मनोबल में वृद्धि होगी। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों ने परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बल की परिचालन क्षमता को मजबूत करेगी। साथ ही, भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी। उन्होंने जोर दिया कि सीमावर्ती जिलों में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एसएसबी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, और ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण समय की आवश्यकता है। जिले में सुरक्षा तंत्र और अधिक सशक्त होगा इस कार्यक्रम में 51वीं वाहिनी के कमांडेंट संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने इस पहल को क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया। जनप्रतिनिधियों ने भी केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सीतामढ़ी जिले में सुरक्षा तंत्र और अधिक सशक्त होगा तथा स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति मिलेगी।


