मधुबनी में “मिशन परिवार विकास अभियान” का शुभारंभ:जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण पर जोर

मधुबनी में “मिशन परिवार विकास अभियान” का शुभारंभ:जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण पर जोर

मधुबनी जिले में सोमवार को “मिशन परिवार विकास अभियान” का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण को बढ़ावा देना है। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. कुमार ने कहा कि यह अभियान जिले के प्रत्येक पात्र दंपति तक परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान दो चरणों में चलाया जा रहा है। पहला चरण, “दंपति संपर्क अभियान”, 23 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। दूसरा चरण, “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा”, 6 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित होगा। इन दोनों चरणों के दौरान, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर प्रजनन आयु वर्ग के दंपतियों से संपर्क करेंगी। वे उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी देंगी और आवश्यकतानुसार साधन उपलब्ध कराएंगी। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य असुरक्षित गर्भधारण को रोकना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और दंपतियों को परिवार नियोजन के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भनिरोधक साधन, आईयूसीडी किट, कंडोम, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली और अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि सेवाओं में कोई बाधा न आए। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, फ्लेक्स, दीवार लेखन, रैलियां और ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने का दायित्व सौंपा गया है। एसीएमओ डॉ. एस. एन. झा ने बताया कि मिशन परिवार विकास केवल जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. एस. एन. झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास और अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। मधुबनी जिले में सोमवार को “मिशन परिवार विकास अभियान” का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण को बढ़ावा देना है। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. कुमार ने कहा कि यह अभियान जिले के प्रत्येक पात्र दंपति तक परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान दो चरणों में चलाया जा रहा है। पहला चरण, “दंपति संपर्क अभियान”, 23 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा। दूसरा चरण, “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा”, 6 मार्च से 20 मार्च तक आयोजित होगा। इन दोनों चरणों के दौरान, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर प्रजनन आयु वर्ग के दंपतियों से संपर्क करेंगी। वे उन्हें परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों की जानकारी देंगी और आवश्यकतानुसार साधन उपलब्ध कराएंगी। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य असुरक्षित गर्भधारण को रोकना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और दंपतियों को परिवार नियोजन के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भनिरोधक साधन, आईयूसीडी किट, कंडोम, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली और अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि सेवाओं में कोई बाधा न आए। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, फ्लेक्स, दीवार लेखन, रैलियां और ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने का दायित्व सौंपा गया है। एसीएमओ डॉ. एस. एन. झा ने बताया कि मिशन परिवार विकास केवल जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. एस. एन. झा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास और अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *