समस्तीपुर में देर से सूर्योदय, सुबह छाए थे बादल:अर्घ्य देने के लिए बूढ़ी गंडक घाट पर जुटे श्रद्धालु, चार दिवसीय चैती छठ संपन्न

समस्तीपुर में देर से सूर्योदय, सुबह छाए थे बादल:अर्घ्य देने के लिए बूढ़ी गंडक घाट पर जुटे श्रद्धालु, चार दिवसीय चैती छठ संपन्न

समस्तीपुर में बुधवार की सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को व्रतियों ने अर्घ्य दिया। शहर के बूढ़ी गंडक नदी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। इस दौरान व्रतियों की ओर से शहर के पुरानी दुर्गा स्थान घाट, बहादुरपुर घाट, मारवाड़ी घाट आदि जगहों पर अर्घ्य दिया। लोगों को सुबह सूर्य देव का इंतजार करना पड़ा। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के कारण सूर्य देव करीब 15 से 20 मिनट विलंब से निकले। इस दौरान लोग पानी में खड़े होकर इंतजार करते नजर आए। अर्घ्य देने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी भी दूध का अर्घ्य देते हुए नजर आए। छठ घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पुलिस बलों की गई तैनाती नदी किनारे जुटने वाली भीड़ को देखते हुए नगर पुलिस के साथ ही मुफस्सिल पुलिस भी सक्रिय नजर आई। छठ घाट जाने की ओर वाले रास्तों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस वालों की तैनाती की गई थी। उधर, शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी धूमधाम के साथ चैती छठ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने अपने घर के दरवाजे के सामने भी गड्ढा खोदकर अर्घ्य दिया। समस्तीपुर में बुधवार की सुबह उदीयमान भगवान सूर्य को व्रतियों ने अर्घ्य दिया। शहर के बूढ़ी गंडक नदी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। इस दौरान व्रतियों की ओर से शहर के पुरानी दुर्गा स्थान घाट, बहादुरपुर घाट, मारवाड़ी घाट आदि जगहों पर अर्घ्य दिया। लोगों को सुबह सूर्य देव का इंतजार करना पड़ा। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के कारण सूर्य देव करीब 15 से 20 मिनट विलंब से निकले। इस दौरान लोग पानी में खड़े होकर इंतजार करते नजर आए। अर्घ्य देने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी भी दूध का अर्घ्य देते हुए नजर आए। छठ घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पुलिस बलों की गई तैनाती नदी किनारे जुटने वाली भीड़ को देखते हुए नगर पुलिस के साथ ही मुफस्सिल पुलिस भी सक्रिय नजर आई। छठ घाट जाने की ओर वाले रास्तों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस वालों की तैनाती की गई थी। उधर, शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी धूमधाम के साथ चैती छठ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने अपने घर के दरवाजे के सामने भी गड्ढा खोदकर अर्घ्य दिया।  

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