सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पूर्व सैनिक हवलदार डूंगरमल योगी के अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। घटना रविवार को मलसीसर कस्बे के शमशान घाट में हुई। हमले के बाद श्मशान घाट पर भगदड़ मच गई, जिससे संस्कार की प्रक्रिया करीब दो घंटे तक रुकी रही। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से पीपीई (PPE) किट मंगवाए और उन्हें पहनकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। अग्नि जलाते ही मधुमक्खियों ने किया हमला जानकारी के अनुसार- हवलदार डूंगरमल योगी पिता गुलाबनाथ योगी का शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। रविवार दोपहर जब परिजन और ग्रामीण शव को लेकर मलसीसर श्मशान भूमि पहुंचे, तो वहां सब कुछ सामान्य था। जैसे ही अंतिम संस्कार के लिए मुखाग्नि की तैयारियां शुरू हुईं और अग्नि जलाई गई तो धुएं के कारण पास के पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता छिड़ गया। मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। 4 लोग हॉस्पिटल में भर्ती मधुमक्खियों के हमले से श्मशान घाट पर चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए श्मशान छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। इस हमले में करीब 35 से 40 लोग डंक लगने से घायल हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई। घायलों में से चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। PPE किट में दी अंतिम विदाई मधुमक्खियों के कारण करीब दो घंटे तक शव चिता पर ही रखा रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने उप जिला अस्पताल से पीपीई किट मंगवाए। इसके बाद परिजनों ने किट पहनकर सावधानी के साथ चिता को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की। सैन्य सम्मान और नम आंखों से दी श्रद्धांजलि इससे पूर्व गौरव सेवा सेनानी समिति द्वारा अपने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि दी गई। समिति के सदस्यों ने हवलदार डूंगरमल को पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। इस्पाक फौजी ने बताया कि डूंगरमल योगी एक जांबाज सैनिक थे, गौरव सेवा सेनानी समिति के तहसील अध्यक्ष के रूप में पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आगे रहते थे।


