शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के गंगटी गांव निवासी तथा अररिया सदर अस्पताल में पदस्थापित सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद (50) और उनकी पत्नी ज्योत्सना प्रसाद का शव बीती रात उनके पैतृक गांव पहुंचा। शनिवार को हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच पर एक टोल प्लाजा के समीप सड़क दुर्घटना में इस चिकित्सक दंपती की मौत हो गई थी। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉ. जितेंद्र प्रसाद पिछले 10 वर्षों से अररिया सदर अस्पताल में कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने पीएमसीएच पटना सहित राज्य के कई अस्पतालों में अपनी सेवाएं दी थीं। उन्हें हाल ही में, लगभग 15 दिन पहले, सिजेरियन सेक्शन में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना द्वारा सम्मानित किया गया था। बेटा लखनऊ में MBBS कर रहा
दंपती अपने पीछे दो होनहार बेटों को छोड़ गए हैं। एक बेटा लखनऊ में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा कंबोडिया में मेडिकल की शिक्षा ले रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को चिकित्सक दंपत्ति अपनी निजी कार से अररिया से पटना जा रहे थे। उनकी सास पटना के मेदांता अस्पताल में बीमार थीं, जिन्हें देखने के लिए वे निकले थे। कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी
घटना मुजफ्फरपुर-हाजीपुर एनएच 22 पर सराय थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास घटी। घने कोहरे के कारण कार चालक ने सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे डॉक्टर दंपत्ति को बाहर निकाला और हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार चालक गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज हाजीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है। पालतू कुत्ता सुरक्षित बच गया
दरअसल कार में चिकित्सक का पालतू कुत्ता भी था जो इस घटना में बिल्कुल सुरक्षित बच गया। रविवार को चिकित्सक दंपती के शव को गंगटी गांव से गांव के लोगों के साथ परिवारवालों ने अंतिम दाहसंस्कार करने हेतु बाढ़ स्थित गंगा घाट ले गए। जहां उनका दाह संस्कार किया गया। शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के गंगटी गांव निवासी तथा अररिया सदर अस्पताल में पदस्थापित सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद (50) और उनकी पत्नी ज्योत्सना प्रसाद का शव बीती रात उनके पैतृक गांव पहुंचा। शनिवार को हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच पर एक टोल प्लाजा के समीप सड़क दुर्घटना में इस चिकित्सक दंपती की मौत हो गई थी। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉ. जितेंद्र प्रसाद पिछले 10 वर्षों से अररिया सदर अस्पताल में कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने पीएमसीएच पटना सहित राज्य के कई अस्पतालों में अपनी सेवाएं दी थीं। उन्हें हाल ही में, लगभग 15 दिन पहले, सिजेरियन सेक्शन में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना द्वारा सम्मानित किया गया था। बेटा लखनऊ में MBBS कर रहा
दंपती अपने पीछे दो होनहार बेटों को छोड़ गए हैं। एक बेटा लखनऊ में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा कंबोडिया में मेडिकल की शिक्षा ले रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार को चिकित्सक दंपत्ति अपनी निजी कार से अररिया से पटना जा रहे थे। उनकी सास पटना के मेदांता अस्पताल में बीमार थीं, जिन्हें देखने के लिए वे निकले थे। कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी
घटना मुजफ्फरपुर-हाजीपुर एनएच 22 पर सराय थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास घटी। घने कोहरे के कारण कार चालक ने सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे डॉक्टर दंपत्ति को बाहर निकाला और हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार चालक गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज हाजीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है। पालतू कुत्ता सुरक्षित बच गया
दरअसल कार में चिकित्सक का पालतू कुत्ता भी था जो इस घटना में बिल्कुल सुरक्षित बच गया। रविवार को चिकित्सक दंपती के शव को गंगटी गांव से गांव के लोगों के साथ परिवारवालों ने अंतिम दाहसंस्कार करने हेतु बाढ़ स्थित गंगा घाट ले गए। जहां उनका दाह संस्कार किया गया।


