इजराइल ने मंगलवार रात ईरान को बड़ी चोट दी थी। यह भी कह सकते हैं कि ईरान के लिए युद्ध में मंगलवार रात सबसे घातक साबित हुई। हालांकि, इसके बावजूद ईरान ने इस संबंध में दुनिया के सामने एक शब्द नहीं बोला।
अब इजराइल ने दुनिया के सामने पिछली रात को लेकर बड़ा दावा किया है। इजराइली सेना की ओर से बताया गया है कि उन्होंने बड़े हवाई हमलों में ईरान के हथियार बनाने वाले ठिकानों को तबाह कर दिया।
लेबनान में भी इजराइल ने किया हमला
साथ ही सेना ने यह भी दावा किया कि बुधवार की कार्रवाई में उसने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर कई हमले किए। जिनमें कई फ्यूल स्टेशन भी शामिल हैं।
ईरान के बारे में इजराइली सेना ने बताया कि मंगलवार को सटीक इंटेलिजेंस गाइडेंस के साथ इस्फहान में ईरानी सरकार के हथियार बनाने वाले उद्योगों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
अंडरवॉटर सिस्टम के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर पर हमला
इजराइली सेना ने एक्स पर हमलों के बारे में खुलकर बताया। उसने कहा- इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने नेवी के इंटेलिजेंस जहाज की गाइडेंस में इस्फहान में ईरान के मिलिट्री अंडरवॉटर सिस्टम के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर पर हमला किया।
उसने आगे लिखा- यह सेंटर ईरान में एकमात्र ऐसी जगह है जो ईरानी नेवी के लिए सबमरीन और सहायक सिस्टम को डिजाइन करने और बनाने के लिए जिम्मेदार है। ईरानी सरकार इसी जगह पर बिना इंसानों वाले जहाजों के कई तरह के मॉडल बनाती है।
ईरान के लिए सबसे बड़ा साबित हो सकता है यह हमला
हालांकि, इस हमले के बारे में ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अगर, इजराइल का दावा सही साबित होता है कि यह ईरान के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है।
इजराइली सेना ने यह भी दावा किया है कि इस हमले के बाद ईरानी नेवी के लिए नई और आधुनिक सबमरीन बनाने व मौजूदा बेड़े को अपग्रेड करने की ईरान की क्षमता काफी हद तक सीमित हो गई है।
तेजी से हमले कर रहा इजराइल
बता दें कि इजराइल लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। वह ईरान के मिलिट्री उद्योगों को और ज्यादा नुकसान पहुंचाने में जुटा है, ताकि उन उत्पादन क्षमताओं को खत्म किया जा सके, जिन्हें उसने वर्षों की मेहनत से बनाया है।
वहीं, इजराइली सेना ने एक्स पर यह भी जानकारी दी कि उसके एयरफोर्स ने बुधवार को अंधेरे में ही लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें दहियाह में एक हेडक्वार्टर और हिज्बुल्लाह का इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल था।


