जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों में छापेमारी कर लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। CIK ने गुरुवार को 10 स्थानों पर कोर्ट के आदेश के तहत तलाशी ली। यह कार्रवाई UAPA के तहत दर्ज केस में की गई। जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहा था और इसका नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला हुआ था। मॉड्यूल का संचालन शबीर अहमद लोन कर रहा था, जो गांदरबल के कंगन क्षेत्र का रहने वाला है। वह राजू और जफर सिद्दीकी जैसे नामों से भी सक्रिय था। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी। जांच में सामने आया कि आतंकियों को 21 दिन की बेसिक और 3 महीने की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती थी, जिसमें AK-47, मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और IED बनाना सिखाया जाता था। लोन पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और बाद में लश्कर में शामिल हुआ। वह बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। बाद में कानूनी कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश चला गया और वहीं से नेटवर्क संचालित कर रहा है। इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी इरफान अहमद वानी को गिरफ्तार किया था, जो शोपियां का रहने वाला है। वह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था और स्थानीय स्तर पर भर्ती व लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल डिवाइस सहित कई अहम सबूत जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कश्मीर में लश्कर के भर्ती मॉड्यूल का खुलासा:पाकिस्तान-बांग्लादेश से चल रहा था नेटवर्क; 3 महीने ट्रेनिंग में मशीन गन और AK-47 चलाना सीखते थे आतंकी


