US-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग की वजह से मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ रहा है। मिडिल ईस्ट की जंग की वजह से शिपिंग लाइनों ने 3000 डॉलर प्रति कंटेनर वॉर सरचार्ज लगा दिया है। जिसकी वजह से कंटेनर काफी महंगा हो गया है। मिडिल ईस्ट का रूट बंद होने की वजह से शिपमेंट फंस गई हैं। जिसके कारण एक्सपोर्ट कंपनियों के ऑर्डर पैंडिंग हो गए हैं। इसका सीधा असर एक्सपोर्ट फैक्ट्रीज की लेबर पर पड़ा है। एक्सपोर्ट फैक्ट्रियों में काम कर रही कांट्रेक्ट लेबर हटा दी गई है। फैक्ट्रियों की शिफ्ट कम की गई हैं और सप्ताह में दो दिन फैक्ट्रियों को बंद रखा जा रहा है। मुरादाबाद में करीब 2500 हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री हैं। जहां से दुनियाभर के देशों को हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात होता है। इन फैक्ट्रियों में करीब 3 लाख हस्तशिल्पी और लेबर काम करती है। फैक्टि्यों में काम सुस्त होने से सीधा असर इन्हीं लोगों की रोजीरोटी पर पड़ रहा है। ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन सतपाल कहते हैं- जंग कुछ और दिन चली तो मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट सिमटकर आधा या उससे भी कम रह जाएगा। एक तरफ शिपमेंट फंस गई हैं। लंबे रूट से जाने की वजह से शिपिंग लाइनों ने 3000 डॉलर प्रति कंटेनर का वार सरचार्ज लगा दिया है। जिससे कंटेनर काफी महंगे हो गए हैं। इसके अलावा हमें यह भी नहीं पता कि फैक्ट्रियों की सीएनजी गैस सप्लाई कितने और दिन चलेगी। यदि गैस सप्लाई भी बंद हो गई तो फैक्ट्री बंद करनी पड़ेंगी, क्योंकि हमारे ओवन गैस पर आधारित हैं।


