mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को नए साल में मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज होगी। पहले चरण में पांच नगर निगमों को जोड़ा जाएगा और इसके क्षेत्र का 10 हजार वर्ग किमी तक विस्तार किया जाएगा। इसके लिये वहां के कमर्शियल और नॉन कमर्शियल जगह को नापा जाएगा। उसके बाद वहां के वाटर मैनेजमेंट की स्थिति को देखकर उस पर काम किया जाएगा ताकि आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से उसको और डेवलप किया जा सके।
नये साल में प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
बीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्लानिंग स्टेज में यह प्रोजेक्ट है जिसको नए साल में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसका प्रस्तावित मैप तैयार किया जा रहा है जिसको फाइनल किया जाना है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथारिटी एक्ट के तहत उद्योग केंद्रों और पर्यटन सर्किटों की योजनाएं तय होंगी। भोपाल को मुख्य शहर बनाया जाएगा, जबकि सीहोर और रायसेन को औद्योगिक केंद्र, विदिशा को विरासत केंद्र और राजगढ़ को प्रमुख कृषि व औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। गौरतलब है कि मेट्रोपालिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और रायसेन जिलों के हिस्से शामिल किए जा रहे हैं। प्राथमिक नक्शे में 8791 वर्ग किमी का दायरा तय किया गया है। भोपाल विकास प्राधिकरण मेट्रोपालिटन क्षेत्र के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। इसके लिए सेप्ट यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
ये क्षेत्र मेट्रोपॉलिटन में होंगे शामिल
- रायसेन जिले के रायसेन, औबेदुल्लागंज
- विदिशा जिले के विदिशा, ग्यारसपुर, गुलाबगंज
- सीहोर जिले के सीहोर, इछावर, आष्टा, श्यामपुर, जावर
- राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़, जीरापुर, ब्यावरा, पिछोर, खुजनेर
- भोपाल जिले के हुजूर, बैरसिया।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के पर्यावरणीय विकास के लिए पूरा मैनेजमेंट तय किया जाएगा। इसके लिये वहां प्रदूषण और हरियाली की स्थिति को देखकर उसको बढ़ाने की दिशा में प्लानिंग की जाएगी। इसके साथ ही बेहतर कृषि भूमि का संरक्षण प्लान बनेगा। उसके बाद वहां के केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान पर काम किया जाएगा।


