गयाजी में डीएम बनकर जमीन मालिकों को धमका रहे भू-माफिया:पूर्व जिला पार्षद को कॉल आने के बाद खुला मामला, SSP के आदेश पर FIR दर्ज

गयाजी में डीएम बनकर जमीन मालिकों को धमका रहे भू-माफिया:पूर्व जिला पार्षद को कॉल आने के बाद खुला मामला, SSP के आदेश पर FIR दर्ज

गयाजी में भू-माफिया की ओर से डीएम बनकर जमीन के मालिकों को धमकाने और ठगी का मामला सामने आया है। मामला तब उजागर हुआ, जब एक पूर्व जिला पार्षद को डीएम बनकर कॉल किया गया और जमीन के नाम पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। घटना चंदौती थाना क्षेत्र के अलीगंज रोड नंबर एक की है। यहां रहने वाले पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनके बेटे नियाजी की ओर से खरीदी गई जमीन का हवाला देते हुए बातचीत शुरू की। कुछ ही देर में कॉल करने वालों ने एक अन्य व्यक्ति को डीएम साब बात करेंगे कहकर फोन लाइन पर जोड़ दिया, जिसने रौब झाड़ना शुरू कर दिया। डीएम के नाम पर जमीन संबंधी कार्रवाई की धमकी भी दी गई। हालांकि, बातचीत के दौरान संदिग्ध भाषा और असामान्य व्यवहार से इदरीश खान को शक हो गया। उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी साझा करने या लेनदेन से साफ इनकार कर दिया और तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। उनकी सजगता से एक बड़ी ठगी की कोशिश नाकाम हो गई। मामले को साइबर ठगी, भू-माफिया नेटवर्क से जोड़कर देख रही पुलिस इस मामले में डीएम शशांक शुभंकर ने अपने मातहतों द्वारा एसएसपी सुशील कुमार को दी है। वहीं एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि डीएम का हवाला देकर बात करने वाले शख्स को पुलिस ने बाँकेबाजार से अरेस्ट कर लिया है। पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। कॉल करने वाले नंबर को ट्रेस किया जा रहा है और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस नंबर से कॉल किया गया, वह ट्रूकॉलर पर नासिर खान के नाम से दिख रहा है, हालांकि पुलिस नाम और नंबर दोनों की सत्यता की जांच कर रही है। पूरे मामले को संगठित साइबर ठगी और भू-माफिया नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। डिप्टी सीएम के भूमि संवाद कार्यक्रम वाले दिन की घटना गौर करने वाली बात यह है कि वायरल ऑडियो 28 जनवरी का बताया जा रहा है। उसी दिन गया में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भूमि संवाद कार्यक्रम में फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे, जबकि दूसरी ओर डीएम के नाम पर जमीन मालिकों को डराने का खेल भी चल रहा था। पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान का कहना है कि ऐसे फर्जी कॉल से आम लोग आसानी से डर सकते हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की अपील की है। गयाजी में भू-माफिया की ओर से डीएम बनकर जमीन के मालिकों को धमकाने और ठगी का मामला सामने आया है। मामला तब उजागर हुआ, जब एक पूर्व जिला पार्षद को डीएम बनकर कॉल किया गया और जमीन के नाम पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। घटना चंदौती थाना क्षेत्र के अलीगंज रोड नंबर एक की है। यहां रहने वाले पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनके बेटे नियाजी की ओर से खरीदी गई जमीन का हवाला देते हुए बातचीत शुरू की। कुछ ही देर में कॉल करने वालों ने एक अन्य व्यक्ति को डीएम साब बात करेंगे कहकर फोन लाइन पर जोड़ दिया, जिसने रौब झाड़ना शुरू कर दिया। डीएम के नाम पर जमीन संबंधी कार्रवाई की धमकी भी दी गई। हालांकि, बातचीत के दौरान संदिग्ध भाषा और असामान्य व्यवहार से इदरीश खान को शक हो गया। उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी साझा करने या लेनदेन से साफ इनकार कर दिया और तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। उनकी सजगता से एक बड़ी ठगी की कोशिश नाकाम हो गई। मामले को साइबर ठगी, भू-माफिया नेटवर्क से जोड़कर देख रही पुलिस इस मामले में डीएम शशांक शुभंकर ने अपने मातहतों द्वारा एसएसपी सुशील कुमार को दी है। वहीं एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि डीएम का हवाला देकर बात करने वाले शख्स को पुलिस ने बाँकेबाजार से अरेस्ट कर लिया है। पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। कॉल करने वाले नंबर को ट्रेस किया जा रहा है और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस नंबर से कॉल किया गया, वह ट्रूकॉलर पर नासिर खान के नाम से दिख रहा है, हालांकि पुलिस नाम और नंबर दोनों की सत्यता की जांच कर रही है। पूरे मामले को संगठित साइबर ठगी और भू-माफिया नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। डिप्टी सीएम के भूमि संवाद कार्यक्रम वाले दिन की घटना गौर करने वाली बात यह है कि वायरल ऑडियो 28 जनवरी का बताया जा रहा है। उसी दिन गया में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भूमि संवाद कार्यक्रम में फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे, जबकि दूसरी ओर डीएम के नाम पर जमीन मालिकों को डराने का खेल भी चल रहा था। पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान का कहना है कि ऐसे फर्जी कॉल से आम लोग आसानी से डर सकते हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना प्रशासन को देने की अपील की है।  

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