कुशीनगर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत सरकार के गजट में अधिसूचित गांवों में अब अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सीमांकन (नाप-जोख) किया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जिला प्रशासन के माध्यम से तहसील प्रशासन को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत, गजट में शामिल सभी गांवों के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक (RI) को अपने-अपने क्षेत्रों में सीमांकन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आदेश दिया गया है। सीमांकन के दौरान खसरा-खतौनी, राजस्व नक्शा और स्थल की वास्तविक स्थिति का मिलान अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न न हो। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीमांकन पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों की सूची तैयार की जाएगी। इसी सूची के आधार पर आगे मुआवजा निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गजट के अनुसार, हाटा तहसील के 22 गांव एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित होंगे। इनमें परसौनी पाटन, सकता मंगलपुर उर्फ मंगरूआ, बेलवा सुदामा, फर्द मुंडेर, अथरहा, सिकटिया, पटनी, छपिया, नवापारा, विशुनपुरा (विंदुर), महुअवा (विंदुआर), मोहम्मद जमीन सिकटिया, मुंडेरा, खोट्ठा, रामपुर (बेदुपर), हसखोर, झंगा, सोबरस, पैकौली और धर्मपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं। कसया तहसील के 35 गांव भी गजट में दर्ज हैं। इनमें चनांगवना जुनेबी, महुवी बुजुर्ग, पतई, भलुआ, रुध्वलिया, फुरसतपुर, नवगावा, डुमरी अहिरौली सहित अन्य गांव शामिल हैं। वहीं, तमकुहीराज तहसील के 39 गांव इस परियोजना से प्रभावित होंगे। इनमें दोघरा, महुअवा बुजुर्ग, तिरमा सहन, श्रीराम पट्टी, किशुनदेव पट्टी, सेमराहरदोई पट्टी, सपही बुजुर्ग, करमैनी, पाण्डेयपुर, खुदरा अहिरौली, बनरहा पश्चिम व पूर्व पट्टी, अहिरौली हनुमान सिंह, गौरी नरोत्तम, इब्राहिम, पकड़ियार पूर्व एवं पश्चिम, हरखौली, सुमहि मोहन सिंह, घघवा जगदीश और अन्य गांव शामिल हैं।


