आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को रविवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान होगा। एनडीए के पास 202 विधायक हैं, इसलिए भाजपा और जेडीयू दोनों आसानी से दो-दो राज्यसभा सीटें जीत लेंगी, जबकि आरजेडी पांचवीं सीट पर नजर रखे हुए है।
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पटना में तेजस्वी के आधिकारिक आवास पर हुई आरजेडी की संसदीय बोर्ड की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। लालू ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में भाग लिया। मीडिया के एक वर्ग में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि तेजस्वी स्वयं बिहार से चुनाव लड़ सकते हैं। आरजेडी के पूर्व सांसद और सिवान के दिग्गज नेता, दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शाहब का नाम भी चर्चा में है।
बिहार में पांच रिक्त सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर चुनाव 16 मार्च को होंगे। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने इन अफवाहों पर चुप्पी साध ली कि लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव उम्मीदवार हो सकते हैं। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पत्रकारों को बताया, ‘‘केंद्र और राज्य दोनों संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (यादव) को राज्यसभा चुनाव पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। जी हां, यह निर्णय लिया गया है कि हम चुनाव लड़ेंगे।’’ वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह ने कहा, हम राज्यसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। जब उनसे पार्टी के पास आवश्यक संख्या बल ना होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, तो क्या हुआ?’’
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गौरतलब है कि इस महीने के अंत में जिन पांच सीट के लिए चुनाव होने हैं, उनमें से दो वर्तमान में राजद के कब्जे में है। राजद को कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था और उसके पास उच्च सदन में अपना सदस्य भेजने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं रहा। अब पार्टी के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में केवल 25 विधायक हैं और हालांकि उसे कांग्रेस और वाम दलों जैसे महागठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलने की संभावना है, फिर भी उनकी संयुक्त संख्या 35 राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से लगभग छह सीट कम है। फिर भी, जब से पांच सीट के लिए चुनाव की घोषणा हुई है, जिनमें से शेष तीन सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास हैं, राजद नेता एक सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं और अपनी उम्मीदें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर टिकाए हुए हैं, जिसके विधानसभा में पांच सदस्य हैं।


