मऊगंज जिले के चर्चित जमीन विवाद के बाद अचानक लापता हुए अनिल उर्फ लल्लू पांडे को पुलिस ने छत्तीसगढ़ से सही-सलामत ढूंढ निकाला है। पुलिस का कहना है कि लगातार चल रहे विवाद और कानूनी कार्रवाई के दबाव की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान थे, इसीलिए बिना बताए घर से निकल गए थे। यह पूरा मामला 3 जनवरी को हाईवे की जमीन को लेकर शुरू हुआ था। इस विवाद में दो कांग्रेसी गुटों के बीच टकराव हुआ, जिसमें भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के शामिल होने से हंगामा और बढ़ गया। आरोप है कि वहां मौजूद गुस्साई भीड़ ने विधायक को मौके से खदेड़ दिया था। इसके बाद विधायक के पीए की शिकायत पर करीब 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया और लल्लू पांडे की जेसीबी व हाइवा गाड़ियों पर खनिज विभाग ने कार्रवाई की। तनाव में छोड़ा घर लल्लू पांडे का आरोप है कि विधायक के दबाव में उन्हें निशाना बनाया गया और उनके साथ भेदभाव हुआ। इसी तनाव के चलते उन्होंने 26 जनवरी को परिवार के साथ आत्मदाह की धमकी भी दी थी। हालांकि प्रशासन के समझाने और गाड़ियां वापस मिलने के बाद उन्होंने यह कदम टाल दिया, लेकिन वह काफी ज्यादा मानसिक दबाव में आ गए। इसी परेशानी में वह प्रयागराज, बनारस और झारखंड होते हुए छत्तीसगढ़ चले गए थे। पुलिस ने ऐसे लगाया पता 28 जनवरी को उनके भाई ने मऊगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद साइबर सेल और तकनीकी टीम ने उनकी लोकेशन का पीछा किया और आखिरकार उन्हें छत्तीसगढ़ में ढूंढ लिया। एसडीओपी मऊगंज सची पाठक ने बताया कि लल्लू पांडे सुरक्षित हैं और उन्होंने माना है कि वह केवल मानसिक दबाव के कारण परिवार से दूर चले गए थे।


