महाराष्ट्र सरकार की फ्लैगशिप ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) की अगली किस्त को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। फरवरी खत्म हो चुका है और मार्च के भी पहले 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी लाभार्थियों के खाते में फरवरी के पैसे जमा नहीं हुए हैं। 1500 रुपये की किस्त में लगभग डेढ़ महीने की देरी होने के कारण महिलाओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पैसा कब आएगा।
फरवरी की किस्त की संभावित तारीख
रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी महीने की रुकी हुई किस्त मार्च के आखिरी दो हफ्तों में जारी की जा सकती है। पिछले कुछ महीनों को देखें तो सरकार अक्सर महीने के अंतिम 15 दिनों में ही पैसा ट्रांसफर करती रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन तकनीकी प्रक्रियाओं और बजट आवंटन को देखते हुए मार्च के अंत तक महिलाओं के खातों में पैसे पहुंचने की पूरी संभावना है।
खाते में एक साथ आएंगे 3000 रुपये?
फरवरी की किस्त में हो रही देरी के बीच एक राहत भरी बात यह भी है कि महिलाओं को फरवरी और मार्च की किस्त एक साथ मिल सकती है। चूंकि इससे पहले भी महायुति सरकार दो महीनों का पैसा एक साथ दे चुकी है, इसलिए इस बार भी संभावना जताई जा रही है कि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 3000 रुपये, जिसमें फरवरी के 1500 रुपये और मार्च के 1500 रुपये एक साथ जमा किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक मदद साबित होगी।
यह काम अधूरा रहा तो अटक सकता है पैसा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिन्होंने अपनी केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया पूरी की है। जिन महिलाओं ने अभी तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है या जिनके दस्तावेजों में कोई त्रुटि है, उनका पैसा अटक सकता है। हालांकि केवाईसी की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन जिनके आवेदनों में गलतियां हैं, उन्हें सुधारने के लिए 31 मार्च तक का आखिरी मौका दिया गया है।
इसलिए लाभार्थी महिलाओं से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपनी केवाईसी की स्थिति जांच लें। ताकि योजना की आगामी किस्त मिलने में कोई परेशानी न हो।
62 लाख लाडली बहनों का कटा नाम
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में जब मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। हालांकि, सरकारी जांच और छंटनी प्रक्रिया के बाद अब केवल 1.90 करोड़ पात्र महिलाएं ही इस सूची में बची हैं। इसका मतलब है कि लगभग 62 लाख आवेदकों को अपात्र होने पर योजना से बाहर कर दिया गया है। लेकिन लाभार्थियों की वास्तविक और अंतिम संख्या 31 मार्च के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना का उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। लाभार्थियों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे भेजे जाते है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।


