महाराष्ट्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर जलगांव जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां योजना का लाभ दिलाने के लिए ई-केवायसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने के बदले एक शख्स ने महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ई-केवाईसी के बहाने महिला से की गंदी मांग
जलगांव में आरोपी रमेश चव्हान ने योजना के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाने के बहाने एक महिला के घर पहुंचकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बदले शरीर संबंध बनाने की मांग की। पीड़ित महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया दूसरा मामला भी
पुलिस जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक अन्य महिला के साथ भी इसी तरह की घिनौनी हरकत की थी। उसने उस महिला को पेंशन दोबारा शुरू कराने का लालच देकर संबंध बनाने की मांग की थी। इससे साफ है कि आरोपी सरकारी योजनाओं का फायदा उठाकर महिलाओं को निशाना बना रहा था।
इस पूरे मामले में जलगांव शहर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
सरकार पर साधा निशाना
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई है। एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता रोहिनी खडसे ने सीधे तौर पर राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है।
तटकरे पर हमला बोले हुए खडसे ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मंत्री महोदय अदिति तटकरे जी, अगर आपको अपनी पीठ थपथपाने से समय मिल गया हो, तो क्या आपका ध्यान इस ओर है?” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले तो सरकार ने बिना किसी शर्त के पैसे बांट दिए, लेकिन अब ई-केवायसी के नाम पर कड़ी शर्तें लगाकर महिलाओं को परेशान किया जा रहा है, जिसका फायदा ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के लोग उठा रहे हैं।“
साथ ही शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव के समय योजना लाई गई, तब सबको पैसे दिए गए, लेकिन अब लाभार्थी महिलाओं को कई तरह की शर्तों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं को हो रही परेशानी- खडसे
रोहिनी खडसे ने दावा किया कि लाडकी बहिन योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान कई महिलाओं को बैंक, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में सभी कागजात पूरे होने के बावजूद महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है, जिससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है।


