Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) के तहत फरवरी महीने की किस्त जारी करने की प्रक्रिया आज 27 मार्च से शुरू कर दी गई है। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की है।
कब जमा होगी 1500 रुपये की सम्मान निधि?
मंत्री अदिति तटकरे के अनुसार, सभी पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में फरवरी महीने की सम्मान निधि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर ट्रांसफर कर दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे लाडली बहनों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि महायुति सरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन में इस योजना को लगातार आगे बढ़ा रही है और महिलाओं का विश्वास ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
e-KYC में गलती सुधारने का अंतिम मौका
इस बीच, मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गलती रह गई है, उनके लिए सरकार ने एक और मौका दिया है। लाभार्थी महिलाएं 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी e-KYC जानकारी में सुधार कर सकती हैं।
मंत्री अदिति तटकरे ने पहले भी स्पष्ट किया था कि कई महिलाओं ने e-KYC के दौरान गलत विकल्प चुन लिया था, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह सुधार सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन लाडली बहनों की ई-केवाईसी नहीं होगी, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) के तहत हर महीने लाभार्थी महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि हर पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए जिन लाभार्थियों को अब तक राशि नहीं मिली है, वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उन्हें भी सम्मान निधि मिल सके।
इस योजना का उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। लाभार्थियों के आधार लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे भेजे जाते है। इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य की लगभग 2 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं।


