मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास: 12वीं विज्ञान में हासिल किए 97.40% अंक

मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास: 12वीं विज्ञान में हासिल किए 97.40% अंक

RBSE Success Story कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और मेहनत का जुनून, तो गरीबी की दीवारें भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। इस बात को सच कर दिखाया है माजरीकलां क्षेत्र के माजरा गांव की होनहार छात्रा निशु ने। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा में निशु ने 97.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सिर फख्र से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।

पिता दिहाड़ी मजदूर

निशु की यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। निशु के पिता, मनु देव, एक दिहाड़ी मजदूर हैं। दिन भर पसीना बहाकर वह जो कमाते हैं, उसी से परिवार का गुजर-बसर होता है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद मनु देव ने कभी भी अपनी बेटी की पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। निशु ने भी अपने पिता के संघर्ष को समझा और रातों की नींद त्याग कर कड़ी मेहनत की। आज उनकी इस लगन ने न केवल उनके परिवार की उम्मीदों को पंख दिए हैं, बल्कि यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी सुख-सुविधा की मोहताज नहीं होती।

फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत

इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर बुधवार को मॉडर्न पब्लिक स्कूल में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने निशु का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया और मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं। विद्यालय के निदेशक राम कुमार यादव ने निशु की तारीफ करते हुए कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बीच निशु की निरंतर मेहनत और एकाग्रता ही इस सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि निशु ने अपनी प्रतिभा का जो उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, वह आज क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बन गई है।

भावुक पिता ने कही ये बात

निशु के पिता मनु देव ने भावुक होते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास किया और आज निशु ने उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए यह शानदार परिणाम दिया है। अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय निशु ने अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया। भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए निशु ने बताया कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त कर एक बेहतर करियर बनाना चाहती हैं ताकि वे समाज की सेवा कर सकें और अपने परिवार का सहारा बन सकें। इस अवसर पर मौजूद सभी शिक्षकों और ग्रामीणों ने निशु के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे आशीर्वाद दिया।

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