मुजफ्फरपुर से छह साल पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुआ पश्चिम बंगाल का मजदूर सुजीत दास (29) महाराष्ट्र के पुणे से सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक तलाशी अभियान चलाया था और सुजीत का पता बताने वाले के लिए इनाम की घोषणा भी की थी। सुजीत दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली बैकुंठपुर का निवासी है। वह मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में मजदूरी करता था, जहां से वह अचानक लापता हो गया था। सुजीत की मां शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तब ठेकेदार के मुंशी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने सुजीत की तलाश में उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर शहर में जगह-जगह सुजीत के लापता होने के पोस्टर लगवाए और सूचना देने वाले को उचित इनाम देने का ऐलान किया। 6 साल पहले ्पहरण का हुआ था मामला दर्ज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर क्षेत्र-2) बिनीता सिन्हा ने बताया कि 26 नवंबर 2020 को इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में सुजीत के एक ग्रामीण ने उसे पुणे में देखा और इसकी सूचना सुजीत के गृह थाने को दी। बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और पुणे में छापेमारी कर सुजीत को बरामद कर लिया। जांच में यह बात सामने आई है कि मुजफ्फरपुर से निकलने के बाद सुजीत पटना गया और वहां से सीधे पुणे चला गया। पिछले छह सालों से वह पुणे में एक कॉन्ट्रैक्ट लेबर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस फिलहाल इस बिंदु पर जांच कर रही है कि वह अपनी मर्जी से वहां गया था या उसे किसी दबाव में वहां रखा गया था। पुलिस ने सुजीत को मुजफ्फरपुर लाकर कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया है। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं और मुंशी की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है। मुजफ्फरपुर से छह साल पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुआ पश्चिम बंगाल का मजदूर सुजीत दास (29) महाराष्ट्र के पुणे से सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक तलाशी अभियान चलाया था और सुजीत का पता बताने वाले के लिए इनाम की घोषणा भी की थी। सुजीत दास मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली बैकुंठपुर का निवासी है। वह मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में मजदूरी करता था, जहां से वह अचानक लापता हो गया था। सुजीत की मां शेफाली ने ब्रह्मपुरा थाने में बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तब ठेकेदार के मुंशी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने सुजीत की तलाश में उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर शहर में जगह-जगह सुजीत के लापता होने के पोस्टर लगवाए और सूचना देने वाले को उचित इनाम देने का ऐलान किया। 6 साल पहले ्पहरण का हुआ था मामला दर्ज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर क्षेत्र-2) बिनीता सिन्हा ने बताया कि 26 नवंबर 2020 को इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में सुजीत के एक ग्रामीण ने उसे पुणे में देखा और इसकी सूचना सुजीत के गृह थाने को दी। बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और पुणे में छापेमारी कर सुजीत को बरामद कर लिया। जांच में यह बात सामने आई है कि मुजफ्फरपुर से निकलने के बाद सुजीत पटना गया और वहां से सीधे पुणे चला गया। पिछले छह सालों से वह पुणे में एक कॉन्ट्रैक्ट लेबर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस फिलहाल इस बिंदु पर जांच कर रही है कि वह अपनी मर्जी से वहां गया था या उसे किसी दबाव में वहां रखा गया था। पुलिस ने सुजीत को मुजफ्फरपुर लाकर कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया है। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं और मुंशी की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रही है।


