दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर-7 में आज एक व्यक्ति की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मो मुस्ताक (44) के रूप में की गई है, जो पेशे से मजदूर थे। मो मुस्ताक सुबह करीब 6 बजे टॉयलेट के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान तालाब के पास पैर फिसलने से वह पोखर में गिर गए। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे ग्रामीणों ने उन्हें पोखर में गिरा हुआ देखा, जिसके बाद इसकी सूचना उनके परिवार को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शव को पोखर से बाहर निकाला। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची सिमरी थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य मृतक के चाचा जावेद ने बताया कि मो. मुस्ताक ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वे मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन छोटे बेटे और एक बेटी हैं। जावेद ने सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की, ताकि बच्चों और परिवार का भविष्य किसी तरह संभल सके। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शव को पोखर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया से मामला पैर फिसलने से डूबने का लग रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर-7 में आज एक व्यक्ति की पोखर में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मो मुस्ताक (44) के रूप में की गई है, जो पेशे से मजदूर थे। मो मुस्ताक सुबह करीब 6 बजे टॉयलेट के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान तालाब के पास पैर फिसलने से वह पोखर में गिर गए। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे ग्रामीणों ने उन्हें पोखर में गिरा हुआ देखा, जिसके बाद इसकी सूचना उनके परिवार को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शव को पोखर से बाहर निकाला। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची सिमरी थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य मृतक के चाचा जावेद ने बताया कि मो. मुस्ताक ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वे मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन छोटे बेटे और एक बेटी हैं। जावेद ने सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की, ताकि बच्चों और परिवार का भविष्य किसी तरह संभल सके। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शव को पोखर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया से मामला पैर फिसलने से डूबने का लग रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


