चिरगांव थाना क्षेत्र के मुराटा स्थित अवैध बालू खनन घाट पर मंगलवार देर रात करीब 2 बजे एक मजदूर की मौत हो गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुई इस घटना में चिरगांव निवासी सुनील कुशवाहा (पुत्र छक्की लाल) की जान चली गई। परिजनों ने खनन माफिया पर साक्ष्य मिटाने और घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने का आरोप लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने के बाद सुनील की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप है कि अवैध खनन से जुड़े लोग शव को कपड़े में लपेटकर सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान परिजन मौके पर पहुंच गए, जिससे उनकी योजना विफल हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर खनन कारोबारियों ने उन्हें तमंचे के बल पर धमकाया। घटना की सूचना पर चिरगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झांसी भेज दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजन चिरगांव थाने पहुंचे और खनन कारोबारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए लिखित तहरीर दी। परिजनों के विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए सड़क जाम भी की गई, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर खुलवा दिया। मृतक के भाई सुखराम कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सुनील मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता था। उन्होंने बताया कि परीछा गांव निवासी एक खनन कारोबारी उनके भाई की मजदूरी का भुगतान नहीं कर रहा था। सुखराम के अनुसार, आरोपी ने पैसे देने के बहाने सुनील को रात में बुलाया और उसकी हत्या कर दी। इस मामले पर एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने पुष्टि की कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


