Labour Code 2026: 1 साल में ग्रेच्युटी और 2 दिन में फुल सेटलमेंट, लेकिन इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा

Labour Code 2026: 1 साल में ग्रेच्युटी और 2 दिन में फुल सेटलमेंट, लेकिन इन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा

1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो गया। इसी के साथ देश में नए लेबर कोड्स को भी लागू कर दिया गया है। नए लेबर कोड्स के तहत श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव हुआ है। इसमे सबसे ज्यादा चर्चा जिस कानून को लेकर है, वह है कर्मचारी की ग्रेच्युटी और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की। इसके साथ ही इससे जुड़े कुछ अन्य सवाल है जिनके जवाब जानना जरूरी है।

अब एक साल पर ही मिलेगी ग्रेच्युटी

इससे पहले किसी भी कर्मचारी को ग्रेच्युटी तब मिलती थी जब वह किसी संस्था के साथ कम से कम 5 साल काम करता था। लेकिन अब उसे बदल कर 1 साल कर दिया गया है यानी कि अब कर्मचारी यदि एक साल की नौकरी के बाद जॉब छोड़ना चाहता है, तो भी वह ग्रेच्युटी का हकदार है। इससे नौकरीपेशा लोगों से जुड़े नियमों में काफी बदलाव हो गया है। लेकिन यह बदलाव सीमित है।

ठेके के मजदूरों के लिए क्या प्रावधान?

“1 साल में ग्रेच्युटी” की सबसे बड़ी खामी यह है कि यह हर किसी पर लागू नहीं होती। श्रम मंत्रालय (MoLE) ने 16 मार्च 2026 को एक विस्तृत FAQ जारी किया है। इस FAQ के प्रश्न संख्या 14 में साफ लिखा है कि यह सुविधा केवल उन्हीं फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को मिलेगी जिन्हें सीधे कंपनी ने नियुक्त किया है।

वहीं, प्रश्न संख्या 10 स्पष्ट करता है कि ठेकेदार के जरिए काम पर लगाए गए कॉन्ट्रैक्ट लेबर इस परिभाषा में नहीं आते। इसका मतलब है कि निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले करोड़ों मजदूरों के लिए यह सुविधा लागू नहीं की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए यह बदलाव कोई काम का नहीं है।

नौकरी छोड़ने पर मिलेगा तुरंत हिसाब

1 अप्रैल 2026 से वेतन कोड, 2019 की धारा 17(2) पूरी तरह लागू हो गई है, जो सैलरीड कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई है। अब किसी भी कर्मचारी के इस्तीफा देने, रिटायर होने या छंटनी होने की स्थिति में नियोक्ता को उनके अंतिम कार्यदिवस के केवल दो कार्यदिवसों के भीतर पूरा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना अनिवार्य होगा। इसमें बकाया वेतन, लीव इनकैशमेंट और अन्य सभी देय राशियां शामिल हैं। पहले यही काम 45 से 90 दिनों में होता था, जिससे कर्मचारियों को लंबे समय तक अपने ही पैसों के लिए इंतजार करना पड़ता था।

क्या ग्रेच्युटी में बोनस गिना जाएगा?

इसके बाद से कई कर्मचारियों के मन में यह प्रश्न उठ सकता है कि क्या बोनस को ग्रेच्युटी में गिना जाएगा या नहीं और क्या इससे ग्रेच्युटी की रकम बढ़कर मिलेगी? इसके लिए श्रम मंत्रालय के FAQ का प्रश्न संख्या 4 बिल्कुल स्पष्ट है कि सालाना परफॉर्मेंस आधारित इंसेंटिव को वेतन की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी IT, बैंकिंग, बीमा और सेल्स जैसे क्षेत्रों में ग्रेच्युटी की गणना सिर्फ बेसिक सैलरी और DA के आधार पर ही होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *