Kota Illegal Encroachment: ‘1 लाख रुपए एडवांस देना पड़ेगा…’, सरकारी अफसरों के बंगलों के सामने बिकती है सड़क?

Kota Illegal Encroachment: ‘1 लाख रुपए एडवांस देना पड़ेगा…’, सरकारी अफसरों के बंगलों के सामने बिकती है सड़क?

Patrika Expose: कोटा नगर निगम प्रशासन की शह पर शहर के मुख्य मार्केट गुमानपुरा में सरकारी बंगलों के सामने फुटपाथ और दस-बारह फीट आगे तक सड़क पर अतिक्रमियों ने कब्जा कर लिया और यहां सोड़ा, शीतल पेय समेत अन्य उत्पाद बेचने की अस्थायी दुकानें खुल गई हैं। सड़क पर टेंट और शामियाने लगाकर अवैध रूप से शोरूमनुमा दुकान बना कर चलाई जा रही है। हैरानी की बात है कि अतिक्रमी दुकानदार उपयोग में आने वाले सामान अधिकारियों के बंगले में ही रखते हैं। निगम अधिकारियों तक शिकायत पहुंच गई, लेकिन अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं, इससे उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से बाजारों में फुटपाथ के आगे लाइन खींच रखी है। जो भी व्यापारी उसे पार कर जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन यहां आधी सड़क पर कब्जा करने वाले अतिक्रमियों को खुली छूट दे रखी है।

Kota Nagar Nigam
नगर निगम की टीम ने 25 मई को कार्रवाई कर हटाया था अतिक्रमण (फोटो: पत्रिका)

किराए पर देने का खुला खेलमौके पर जब पत्रिका टीम ने अधिकारियों के सरकारी बंगलों के बाहर हो रहे अतिक्रमण का जायजा लिया तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। यहां फुटपाथ पर बनाई दुकानों को किराए पर देने का खुला खेल चल रहा है। एक दुकानदार तो 18 हजार रुपए प्रतिमाह किराया और करीब एक लाख रुपए एडवांस लेकर अपनी तैयार सेटअप वाली दुकान किसी अन्य व्यक्ति को देने के लिए भी राजी हो गया। इससे साफ है कि सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को अब खुले तौर पर व्यापार में बदल दिया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नगर निगम पहले ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर चुका है, तो फिर दोबारा इतने बड़े स्तर पर फुटपाथ और सड़क पर कब्जे कैसे हो गए और जिम्मेदार विभाग इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?

Kota Nagar Nigam
बंगले के बाहर हो रहा अतिक्रमण (फोटो: पत्रिका)

बंगलों के अंदर तक रखा अतिक्रमियों का सामान

चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी बंगलों के बाहर ही नहीं, बल्कि अंदर तक अतिक्रमियों का सामान रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार यहां फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कुछ व्यापारियों ने अपने सामान का स्टोर सरकारी बंगलों के परिसर में बना रखा है। एक सोडा शॉप संचालक ने तो बंगले के अंदर गैस सिलेंडर तक रख दिए। दिनभर बंगले का गेट खुला रहता है और वहीं एक व्यक्ति को भी तैनात कर रखा है, जो वहां आने-जाने वालों पर नजर रखता है। बताया जा रहा है कि जैसे ही कोई व्यक्ति बंगले के अंदर प्रवेश करता है, वह उससे अंदर आने का कारण भी पूछने लगता है। ऐसे में सरकारी परिसरों का इस तरह निजी उपयोग किए जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

Kota Nagar Nigam
अतिक्रमण कर बिजली के ट्रांसफामर को भी नहीं छोड़ा (फोटो: पत्रिका)

दोनों तरफ अधिकारियों के बंगले, बीच में फैला अतिक्रमण

गुमानपुरा शहर का एक प्रमुख और पॉश बाजार है। यहां मल्टीपरपज स्कूल, गुमानपुरा कोटा के पास वाली सड़क के दोनों तरफ सरकारी बंगले बने हुए हैं। इन बंगलों में पुलिस अधिकारियों, वरिष्ठ डॉक्टरों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के निवास हैं। इन सरकारी बंगलों के सामने ही पूरे फुटपाथ पर शोरूम जैसी दुकानें बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। सड़क के दोनों ओर अवैध दुकानों के कारण हमेशा भीड़ लगी रहती है और यातायात भी प्रभावित होता है। इसके बावजूद अब तक किसी अधिकारी की ओर से इसका खुलकर विरोध सामने नहीं आया है, जिससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं।

सोडा शॉप के पास फुटपाथ पर दुकान किराए को लेकर अतिक्रमी से बातचीत

पत्रिका : यहां फुटपाथ पर दुकान लगाने के लिए कितने पैसे देने पड़ते हैं।
दुकानदार : नगर निगम की रसीद कटती है, करीब 20 हजार रुपए की।
पत्रिका : क्या आप उस रसीद का फोटो हमें दिखा सकते हैं।
दुकानदार : क्यों, क्या हुआ, आप उस रसीद का क्या करेंगे अभी तो मेरे पास नहीं है।
पत्रिका : हमें भी यहां दुकान लगानी है, इसलिए जानकारी ले रहे हैं।
दुकानदार : पहले ये बताओ कि किस चीज की दुकान लगाओगे।
पत्रिका : अभी आपके पास सोडा शॉप चल रही है, तो हम भी मार्केट के हिसाब से वैसी ही दुकान लगा लेंगे।
दुकानदार : क्या आप कोटा में नए आए हो, पहले भी यहां सोडा शॉप चलती थी, उसका क्या हुआ पता नहीं है, यहां आपको सोडा शॉप लगाने नहीं देंगे। पहले वाले को ही यहां से भगा दिया है।
पत्रिका : अगर ऐसा है तो कोई दूसरी दुकान लगा लेंगे।
दुकानदार : ठीक है, फिर मैं यह पूरी सेटअप वाली दुकान आपको दे दूंगा। लेकिन, इसके बदले में 18 हजार रुपए महीना और 1 लाख रुपए एडवांस देना पड़ेगा। बोलो, अगर लेनी है तो बताओ, अभी के अभी दुकान आपको संभाल दूंगा।

आयुक्त को अवगत कराया

हमारी टीम ने पहले यहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद दोबारा अतिक्रमण हो गया। इस संबंध में आयुक्त को लिखित में जानकारी दे दी है। जैसे ही वहां से कार्रवाई के निर्देश मिलेंगे। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे।
तौफीक खान, प्रभारी, अतिक्रमण निरोधक दस्ता, नगर निगम

जल्द हटाया जाएगा अतिक्रमण

गुमानपुरा में अतिक्रमण की शिकायत नहीं मिली है। यदि वहां दुबारा अतिक्रमण हो गया है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।ओपी मेहरा, आयुक्त, कोटा नगर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *