सहरसा स्टेडियम में 13 और 14 मार्च को आयोजित होने वाले कोसी महोत्सव 2024 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दो दिवसीय इस आयोजन में कोसी और मिथिला क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और पर्यटन की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने बताया कि यह आयोजन पर्यटन विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन सहरसा के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कोसी क्षेत्र की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि यहां की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल सके। सहरसा नगर निगम के आयुक्त प्रभात कुमार झा ने जानकारी दी कि दो दिवसीय महोत्सव के लिए स्टेडियम में मंच, सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। महोत्सव का उद्घाटन 13 मार्च को बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद करेंगे। मिथिला के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी कार्यक्रम में सांसद दिनेश चंद्र यादव, राजेश वर्मा और मनोज झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इनके अतिरिक्त, कई विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। महोत्सव के पहले दिन मिथिला के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से मिथिला और कोसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मंच मिलेगा। इस शाम को सारेगामा फेम गायक जय झा और पार्श्व गायिका नीलेफर शबनम अपनी प्रस्तुति से खास बनाएंगे। 14 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी वहीं, 14 मार्च को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। दूसरे दिन मिथिला के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिसके बाद बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक विनोद राठौर अपनी टीम के साथ मंच पर प्रस्तुति देंगे। उनके लोकप्रिय गीतों को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और क्षेत्रीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि यह महोत्सव सहरसा सहित पूरे कोसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। सहरसा स्टेडियम में 13 और 14 मार्च को आयोजित होने वाले कोसी महोत्सव 2024 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दो दिवसीय इस आयोजन में कोसी और मिथिला क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला और पर्यटन की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने बताया कि यह आयोजन पर्यटन विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन सहरसा के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कोसी क्षेत्र की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि यहां की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल सके। सहरसा नगर निगम के आयुक्त प्रभात कुमार झा ने जानकारी दी कि दो दिवसीय महोत्सव के लिए स्टेडियम में मंच, सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। महोत्सव का उद्घाटन 13 मार्च को बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद करेंगे। मिथिला के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी कार्यक्रम में सांसद दिनेश चंद्र यादव, राजेश वर्मा और मनोज झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इनके अतिरिक्त, कई विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। महोत्सव के पहले दिन मिथिला के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से मिथिला और कोसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मंच मिलेगा। इस शाम को सारेगामा फेम गायक जय झा और पार्श्व गायिका नीलेफर शबनम अपनी प्रस्तुति से खास बनाएंगे। 14 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी वहीं, 14 मार्च को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। दूसरे दिन मिथिला के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिसके बाद बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक विनोद राठौर अपनी टीम के साथ मंच पर प्रस्तुति देंगे। उनके लोकप्रिय गीतों को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला और क्षेत्रीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि यह महोत्सव सहरसा सहित पूरे कोसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


