किशोर कुमार के बंगले को तो नहीं बचा पा रहे, अब उनके गौरीकुंज को गीता भवन में बदलने की तैयारी

किशोर कुमार के बंगले को तो नहीं बचा पा रहे, अब उनके गौरीकुंज को गीता भवन में बदलने की तैयारी

हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार के माता-पिता की याद में बने गौरीकुंज को अब नगर निगम गीता भवन के रूप में बदलने की तैयारी कर रहा है। पहले ही किशोर प्रशंसक किशोर दा के बंगले को बचाने की कवायद में जुटे है, अब उनकी एक ओर धरोहर की भेंट संस्कृति के नाम चढऩे जा रही है। निगम को गीता भवन के लिए नई जगह नहीं मिलने से गौरीकुंज सभागृह को ही पुनर्निमाण कर यहां गीता भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

प्रदेश सरकार हर जिले में सांस्कृतिक गतिविधियों और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जगह उपलब्ध कराने गीता भवन का निर्माण करवा रही है। नगरीय विकास विभाग प्रशासन के माध्यम से बनने वाले गीता भवन की लागत 20 करोड़ रुपए रखी गई है। खंडवा में निगम को गीता भवन के लिए जगह नहीं मिलने के बाद गौरीकुंज सभागृह में ही कुछ जगह का जीर्णोद्धार कर 2 करोड़ की लागत से गीता भवन के लिए ई-लायब्रेरी और रीडिंग रूम, कैफेटेरिया तैयार किया जाएगा। जिसका संचालन पीपीपी मोड पर किया जाएगा। जिसका मतलब है गौरीकुंज का नाम बदला जाएगा और इसका संचालन निजी हाथों में चला जाएगा। पहले ही रवींद्र भवन (किशोर सभागृह) का संचालन निगम निजी हाथों में दे चुका है।

किशोर नाइट का हुआ था पहली बार आयोजन
किशोर कुमार खंडवा में अपने पिता कुंजलाल गांगुली और माता गौरीदेवी के नाम पर एक ऑडोटोरियम बनाना चाहते थे, जिससे खंडवा के कलाकारों को बढ़ावा मिले। इसके लिए वर्ष 1982 में किशोर कुमार ने किशोर नाइट के नाम से एक कंसर्ट भी किया था। ऑडोटोरियम के लिए उन्होंने लायंस, रोटरी, जेसीस सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं को मिलाकर एक संयुक्त समिति लोक कल्याण परिषद भी बनाई थी। जिसे कंसर्ट का रुपया सौंपा गया था। वर्ष 1983 में कल्याणजी आनंदजी नाइट का आयोजन भी होना था, जिसके टिकट भी बिक चुके थे। ऑपरेशन ब्लू स्टार के चलते तत्कालीन कलेक्टर ने इसकी अनुमति निरस्त कर दी थी।

अशोक कुमार ने किया था शिलान्यास
गौरीकुंज कला मंदिर के लिए जून 1983 में किशोर कुमार के बड़े भाई अभिनेता अशोक कुमार ने तत्कालीन राज्य मंत्री तनवंतसिंह कीर के साथ इसका शिलान्यास किया था। किशोर दा के निधन के बाद मामला अटक गया था। जबकि निर्माण के लिए बहुत सी सामग्री भी आ चुकी थी। वर्ष 1995 में पहली बार निगम परिषद बनने के बाद इसके प्रयास शुरू हुए। तत्कालीन स्थानीय शासन मंत्री तनवंतसिंह कीर ने पहल की और मप्र शासन द्वारा निगम को राशि उपलब्ध कराई गई। जिसके बाद गौरीकुंज कला मंदिर का निर्माण हुआ।

मुख्यमंत्री ने किया था लोकार्पण
गौरीकुंज कला मंदिर का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने 4 अगस्त 1998 में किया था। लोकार्पण पर अभिनेता राजेश खन्ना, किशोर कुमार की पत्नी लीना चंदावरकर, पुत्र अमित कुमार सहित विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी, उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव, स्थानीय शासन मंत्री तनवंतसिंह कीर भी मौजूद रहे थे। निगम ने बाद में इसका जीर्णोद्धार कर गौरीकुंज सभागृह नाम दिया था। जिसका लोकार्पण 2009 में किया गया था।

नाम नहीं बदलेंगे
गीता भवन के लिए दो तरह के प्रोजेक्ट हमारे पास है, जगह नहीं मिलने से नया भवन बनाना संभव नहीं है, इसलिए गौरीकुंज का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इससे इस भवन का कायाकल्प भी हो जाएगा। इसके मेंटेनेंस के लिए पीपीपी मोड पर दिया जाएगा। हम इसका नाम नहीं बदलेंगे, ब्रेकेट में गीता भवन कर दिया जाएगा।
प्रियंका राजावत, निगमायुक्त

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