किशनगंज उत्पाद टीम का सिलीगुड़ी में विवाद:दो गाड़ियों की टक्कर, महिला कर्मी ने कहा- एक लड़के ने मुझे थप्पड़ मारा

किशनगंज उत्पाद टीम का सिलीगुड़ी में विवाद:दो गाड़ियों की टक्कर, महिला कर्मी ने कहा- एक लड़के ने मुझे थप्पड़ मारा

किशनगंज के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की एक टीम का सिलीगुड़ी दौरा अब गंभीर विवाद का कारण बन गया है। विभाग के इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी की निजी कार से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद स्थानीय लोगों से हाथापाई और मारपीट की नौबत आ गई। मामला इतना बढ़ गया कि बंगाल पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को हिरासत में लेना पड़ा। हालांकि, 48 घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया। अब इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग ने सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह घटना 12 जनवरी की देर शाम की बताई जा रही है। इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी अपनी निजी कार XUV 700 (बिहार नंबर) से किशनगंज लौट रहे थे। कार में तीन महिला सिपाही, एक पुरुष कांस्टेबल और दो चालक सवार थे। कुल सात लोग वाहन में मौजूद थे। बागडोगरा थाना क्षेत्र के गोसाईपुर इलाके में तेज रफ्तार के कारण कार ने पहले एक चारपहिया वाहन को टक्कर मारी और इसके बाद बाइक सवार बरहम मल्लिक को धक्का मार दिया। हादसे के बाद भड़का स्थानीय आक्रोश लगातार टक्कर लगने से स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और कार को घेर लिया गया। देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार बेहद तेज थी और सड़क पर कई लोग बाल-बाल बच गए थे। महिला सिपाहियों से बहस, थप्पड़ से बढ़ा विवाद हंगामे के दौरान कार में सवार महिला सिपाहियों की ग्रामीणों से तीखी बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला सिपाही ने एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साई भीड़ ने इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी के साथ भी हाथापाई की। इलाके में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हालात बन गए। बंगाल पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलने पर बागडोगरा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी समेत तीन महिला सिपाहियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया, लेकिन मामला प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ता चला गया। बाइक सवार का आरोप: 140–150 की रफ्तार से चल रही थी गाड़ी घटना में घायल बाइक सवार दीपायोन मल्लिक ने आरोप लगाते हुए बताया कि कार बेहद तेज रफ्तार में थी। उनके अनुसार, “जब गाड़ी ने ओवरटेक किया तो मेरी बाइक पलटने से बच गई। इस सड़क पर 140 से 150 की स्पीड से वाहन चलाया जा रहा था। मुझसे पहले भी एक अन्य बाइक सवार को टक्कर मारने से गाड़ी बाल-बाल बची थी। हम दोनों ने पीछा कर ट्रैफिक में वाहन को रोका।” दीपायोन ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन से उतरकर एक व्यक्ति ने खुद को बिहार पुलिस बताया और पहचान पत्र दिखाया। उसने कहा कि अगर नुकसान हुआ है तो मुआवजा दे देंगे या मुकदमा कर लीजिएगा। बिना सूचना सिलीगुड़ी जाने पर विभाग सख्त मामले को गंभीरता से लेते हुए किशनगंज उत्पाद अधीक्षक ने सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उत्पाद विभाग के थाना अध्यक्ष मनीष कुमार सक्सेना ने बताया कि फरिंगगोला चेकपोस्ट पर जांच के दौरान ये सभी ड्यूटी से गैरमौजूद पाए गए थे। बिना वरीय अधिकारियों को सूचना दिए ये लोग सिलीगुड़ी गए थे। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे किस उद्देश्य से वहां गए थे। राजनीतिक आरोप, शराबबंदी पर उठे सवाल इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राजद नेता दानिश इक्वाल ने बिहार की शराबबंदी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शराबबंदी केवल दिखावा बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी या तो मौज-मस्ती करने या पैसे वसूलने बंगाल गए होंगे। उन्होंने जिला पदाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। DM बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई जिला पदाधिकारी ने कहा है कि संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। किशनगंज के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की एक टीम का सिलीगुड़ी दौरा अब गंभीर विवाद का कारण बन गया है। विभाग के इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी की निजी कार से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद स्थानीय लोगों से हाथापाई और मारपीट की नौबत आ गई। मामला इतना बढ़ गया कि बंगाल पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को हिरासत में लेना पड़ा। हालांकि, 48 घंटे बाद सभी को छोड़ दिया गया। अब इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग ने सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह घटना 12 जनवरी की देर शाम की बताई जा रही है। इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी अपनी निजी कार XUV 700 (बिहार नंबर) से किशनगंज लौट रहे थे। कार में तीन महिला सिपाही, एक पुरुष कांस्टेबल और दो चालक सवार थे। कुल सात लोग वाहन में मौजूद थे। बागडोगरा थाना क्षेत्र के गोसाईपुर इलाके में तेज रफ्तार के कारण कार ने पहले एक चारपहिया वाहन को टक्कर मारी और इसके बाद बाइक सवार बरहम मल्लिक को धक्का मार दिया। हादसे के बाद भड़का स्थानीय आक्रोश लगातार टक्कर लगने से स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और कार को घेर लिया गया। देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार बेहद तेज थी और सड़क पर कई लोग बाल-बाल बच गए थे। महिला सिपाहियों से बहस, थप्पड़ से बढ़ा विवाद हंगामे के दौरान कार में सवार महिला सिपाहियों की ग्रामीणों से तीखी बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला सिपाही ने एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। गुस्साई भीड़ ने इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी के साथ भी हाथापाई की। इलाके में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हालात बन गए। बंगाल पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलने पर बागडोगरा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंस्पेक्टर संगम कुमार विद्यार्थी समेत तीन महिला सिपाहियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया, लेकिन मामला प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ता चला गया। बाइक सवार का आरोप: 140–150 की रफ्तार से चल रही थी गाड़ी घटना में घायल बाइक सवार दीपायोन मल्लिक ने आरोप लगाते हुए बताया कि कार बेहद तेज रफ्तार में थी। उनके अनुसार, “जब गाड़ी ने ओवरटेक किया तो मेरी बाइक पलटने से बच गई। इस सड़क पर 140 से 150 की स्पीड से वाहन चलाया जा रहा था। मुझसे पहले भी एक अन्य बाइक सवार को टक्कर मारने से गाड़ी बाल-बाल बची थी। हम दोनों ने पीछा कर ट्रैफिक में वाहन को रोका।” दीपायोन ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन से उतरकर एक व्यक्ति ने खुद को बिहार पुलिस बताया और पहचान पत्र दिखाया। उसने कहा कि अगर नुकसान हुआ है तो मुआवजा दे देंगे या मुकदमा कर लीजिएगा। बिना सूचना सिलीगुड़ी जाने पर विभाग सख्त मामले को गंभीरता से लेते हुए किशनगंज उत्पाद अधीक्षक ने सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उत्पाद विभाग के थाना अध्यक्ष मनीष कुमार सक्सेना ने बताया कि फरिंगगोला चेकपोस्ट पर जांच के दौरान ये सभी ड्यूटी से गैरमौजूद पाए गए थे। बिना वरीय अधिकारियों को सूचना दिए ये लोग सिलीगुड़ी गए थे। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे किस उद्देश्य से वहां गए थे। राजनीतिक आरोप, शराबबंदी पर उठे सवाल इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राजद नेता दानिश इक्वाल ने बिहार की शराबबंदी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शराबबंदी केवल दिखावा बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी या तो मौज-मस्ती करने या पैसे वसूलने बंगाल गए होंगे। उन्होंने जिला पदाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। DM बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई जिला पदाधिकारी ने कहा है कि संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।  

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