किशनगंज पुलिस ने मॉब लिंचिंग खारिज की:सोमनाथ बर्मन को असहज हालत में सड़क पर पाया, तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई

किशनगंज पुलिस ने मॉब लिंचिंग खारिज की:सोमनाथ बर्मन को असहज हालत में सड़क पर पाया, तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई

किशनगंज पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित मॉब लिंचिंग की एक खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस खबर में दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी एक व्यक्ति के साथ किशनगंज में मॉब लिंचिंग हुई है। पुलिस ने इसे तथ्यों से भिन्न और निराधार बताया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला 15 मार्च 2026 का है। पोठिया थाना क्षेत्र के ग्राम बुधरा में एक व्यक्ति अर्धचेतन और असहज स्थिति में पड़ा मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने व्यक्ति को सुरक्षित संरक्षण में लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पोठिया में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। अलीपुरद्वार निवासी सोमनाथ बर्मन के रूप में हुई
अगले दिन, 16 मार्च 2026 को, व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी सोमनाथ बर्मन के रूप में हुई। पुलिस ने उनके गृह क्षेत्र के थानाध्यक्ष से संपर्क किया और परिजनों से बात की। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सोमनाथ बर्मन को न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली ट्रेन में बिठाकर सकुशल घर भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी प्रकार की मॉब लिंचिंग या भीड़ द्वारा हमले की कोई घटना नहीं हुई है। व्यक्ति को सड़क पर असहज हालत में पाया गया था और पुलिस ने तत्काल मानवीय सहायता प्रदान कर उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई थी। प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास
किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी भ्रामक और संवेदनशील पोस्ट पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास करती हैं। नागरिकों को किसी भी संदिग्ध पोस्ट की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। किशनगंज पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित मॉब लिंचिंग की एक खबर को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस खबर में दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी एक व्यक्ति के साथ किशनगंज में मॉब लिंचिंग हुई है। पुलिस ने इसे तथ्यों से भिन्न और निराधार बताया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला 15 मार्च 2026 का है। पोठिया थाना क्षेत्र के ग्राम बुधरा में एक व्यक्ति अर्धचेतन और असहज स्थिति में पड़ा मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने व्यक्ति को सुरक्षित संरक्षण में लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पोठिया में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। अलीपुरद्वार निवासी सोमनाथ बर्मन के रूप में हुई
अगले दिन, 16 मार्च 2026 को, व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी सोमनाथ बर्मन के रूप में हुई। पुलिस ने उनके गृह क्षेत्र के थानाध्यक्ष से संपर्क किया और परिजनों से बात की। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सोमनाथ बर्मन को न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली ट्रेन में बिठाकर सकुशल घर भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी प्रकार की मॉब लिंचिंग या भीड़ द्वारा हमले की कोई घटना नहीं हुई है। व्यक्ति को सड़क पर असहज हालत में पाया गया था और पुलिस ने तत्काल मानवीय सहायता प्रदान कर उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई थी। प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास
किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी भ्रामक और संवेदनशील पोस्ट पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और प्रशासन की छवि खराब करने का प्रयास करती हैं। नागरिकों को किसी भी संदिग्ध पोस्ट की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।  

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