किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि इस दिशा में वर्षों से प्रयास चल रहे हैं और अब शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। डॉ. जावेद ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि विधानसभा में यह घोषणा की गई थी कि बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इस घोषणा से क्षेत्र की जनता में काफी उत्साह था। इसके बाद, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने सभी जिला पदाधिकारियों को कॉलेज स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया था। ग्रामीण इलाकों में अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं सांसद ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों से भूमि चयन का कार्य पूरा हो चुका है और संबंधित अधिकारियों को इसका विवरण सौंप दिया गया है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में किशनगंज, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, कोचाधामन, पोठिया, टेढ़ागाछ और डगरुआ जैसे प्रखंड शामिल हैं। इनमें से कई ग्रामीण इलाकों में अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं है, जिसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर शहरों में जाना पड़ता है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त होंगे डॉ. जावेद ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित होने से न केवल उच्च शिक्षा सुलभ होगी, बल्कि छात्र-छात्राओं को आर्थिक और मानसिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी। दूर जाने की मजबूरी खत्म होने से विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा में वृद्धि होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त होंगे। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद लंबे समय से किशनगंज के विकास के लिए सक्रिय रहे हैं। वे पहले भी क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार से लगातार मांग करते रहे हैं। इस नवीनतम पत्र के बाद, क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इन कॉलेजों की स्थापना पर काम शुरू होगा। किशनगंज सीमांचल का महत्वपूर्ण क्षेत्र स्थानीय लोगों का कहना है कि किशनगंज सीमांचल का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है। डिग्री कॉलेजों की कमी से कई मेधावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। यदि सरकार इस पर सकारात्मक पहल करती है तो क्षेत्र का शैक्षणिक परिदृश्य बदल सकता है। शिक्षाविदों का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पुरानी घोषणा को अमली जामा पहनाने का यह सही समय है। भूमि चिन्हित होने के बाद अब केवल प्रशासनिक स्वीकृति और फंड की जरूरत है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस पत्र पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि इस दिशा में वर्षों से प्रयास चल रहे हैं और अब शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। डॉ. जावेद ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि विधानसभा में यह घोषणा की गई थी कि बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इस घोषणा से क्षेत्र की जनता में काफी उत्साह था। इसके बाद, बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव ने सभी जिला पदाधिकारियों को कॉलेज स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया था। ग्रामीण इलाकों में अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं सांसद ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र के सभी प्रखंडों से भूमि चयन का कार्य पूरा हो चुका है और संबंधित अधिकारियों को इसका विवरण सौंप दिया गया है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में किशनगंज, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, कोचाधामन, पोठिया, टेढ़ागाछ और डगरुआ जैसे प्रखंड शामिल हैं। इनमें से कई ग्रामीण इलाकों में अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं है, जिसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर शहरों में जाना पड़ता है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त होंगे डॉ. जावेद ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित होने से न केवल उच्च शिक्षा सुलभ होगी, बल्कि छात्र-छात्राओं को आर्थिक और मानसिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी। दूर जाने की मजबूरी खत्म होने से विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा में वृद्धि होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त होंगे। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद लंबे समय से किशनगंज के विकास के लिए सक्रिय रहे हैं। वे पहले भी क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार से लगातार मांग करते रहे हैं। इस नवीनतम पत्र के बाद, क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही इन कॉलेजों की स्थापना पर काम शुरू होगा। किशनगंज सीमांचल का महत्वपूर्ण क्षेत्र स्थानीय लोगों का कहना है कि किशनगंज सीमांचल का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है। डिग्री कॉलेजों की कमी से कई मेधावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। यदि सरकार इस पर सकारात्मक पहल करती है तो क्षेत्र का शैक्षणिक परिदृश्य बदल सकता है। शिक्षाविदों का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पुरानी घोषणा को अमली जामा पहनाने का यह सही समय है। भूमि चिन्हित होने के बाद अब केवल प्रशासनिक स्वीकृति और फंड की जरूरत है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस पत्र पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।


