किशनगंज DM ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया:गंदगी, अव्यवस्था पर अधिकारियों को लगाई फटकार, कार्रवाई की चेतावनी दी

किशनगंज DM ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया:गंदगी, अव्यवस्था पर अधिकारियों को लगाई फटकार, कार्रवाई की चेतावनी दी

किशनगंज की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था बुधवार को उस वक्त उजागर हो गई, जब जिला पदाधिकारी विशाल राज बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान गंदगी, संसाधनों की कमी और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में गंभीर खामियां देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम की गाड़ी पहुंचते ही मचा हड़कंप बुधवार दोपहर डीएम विशाल राज की गाड़ी जैसे ही सदर अस्पताल परिसर में दाखिल हुई, वहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। कई कर्मी आनन-फानन में अपनी जिम्मेदारियों में जुटते नजर आए। डीएम ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया, जहां मरीजों की भीड़ और अव्यवस्थित व्यवस्था साफ नजर आई। ओपीडी, वार्ड और दवा वितरण केंद्र का लिया जायजा डीएम ने ओपीडी के बाद अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। बेड के आसपास गंदगी, कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं होना और मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव सामने आया। इसके बाद डीएम दवा वितरण केंद्र पहुंचे, जहां दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जांच की। रजिस्टरों की जांच, अधिकारियों से मांगा जवाब निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपस्थिति पंजी और अन्य रजिस्टरों की भी जांच की। कई कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर लापरवाही सामने आई। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जवाब-तलब किया और स्पष्ट किया कि मरीजों की सेवा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम विशाल राज ने दो टूक कहा कि सदर अस्पताल आम लोगों की लाइफलाइन है और यहां की बदहाल व्यवस्था किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में गंभीर खामियां पाई गई हैं, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों की सुविधा और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सुधार के दिए निर्देश डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई की नियमित निगरानी हो, मरीजों को समय पर दवा और इलाज मिले तथा डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभाएं। उपाधीक्षक बोले- जल्द दिखेगा सुधार सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने डीएम के निरीक्षण के बाद कहा कि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई सभी कमियों को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभागों को सुधार के स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नजर आएगा। पहले भी मिलती रही हैं शिकायतें गौरतलब है कि सदर अस्पताल जिले की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई होने के बावजूद यहां अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। मरीजों और उनके परिजनों द्वारा सुविधाओं की कमी, साफ-सफाई और स्टाफ की लापरवाही को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। डीएम के सख्त रुख से जगी उम्मीद डीएम विशाल राज के इस सख्त और अचानक निरीक्षण से न केवल लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मचा है, बल्कि आम मरीजों और उनके परिजनों में बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलने की उम्मीद भी जगी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था में कितना और कितनी जल्दी सुधार देखने को मिलता है। किशनगंज की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था बुधवार को उस वक्त उजागर हो गई, जब जिला पदाधिकारी विशाल राज बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान गंदगी, संसाधनों की कमी और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में गंभीर खामियां देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम की गाड़ी पहुंचते ही मचा हड़कंप बुधवार दोपहर डीएम विशाल राज की गाड़ी जैसे ही सदर अस्पताल परिसर में दाखिल हुई, वहां मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। कई कर्मी आनन-फानन में अपनी जिम्मेदारियों में जुटते नजर आए। डीएम ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया, जहां मरीजों की भीड़ और अव्यवस्थित व्यवस्था साफ नजर आई। ओपीडी, वार्ड और दवा वितरण केंद्र का लिया जायजा डीएम ने ओपीडी के बाद अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। बेड के आसपास गंदगी, कूड़े का सही ढंग से निस्तारण नहीं होना और मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव सामने आया। इसके बाद डीएम दवा वितरण केंद्र पहुंचे, जहां दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जांच की। रजिस्टरों की जांच, अधिकारियों से मांगा जवाब निरीक्षण के दौरान डीएम ने उपस्थिति पंजी और अन्य रजिस्टरों की भी जांच की। कई कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर लापरवाही सामने आई। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जवाब-तलब किया और स्पष्ट किया कि मरीजों की सेवा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम विशाल राज ने दो टूक कहा कि सदर अस्पताल आम लोगों की लाइफलाइन है और यहां की बदहाल व्यवस्था किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में गंभीर खामियां पाई गई हैं, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों की सुविधा और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। सुधार के दिए निर्देश डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई की नियमित निगरानी हो, मरीजों को समय पर दवा और इलाज मिले तथा डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभाएं। उपाधीक्षक बोले- जल्द दिखेगा सुधार सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने डीएम के निरीक्षण के बाद कहा कि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई सभी कमियों को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित विभागों को सुधार के स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नजर आएगा। पहले भी मिलती रही हैं शिकायतें गौरतलब है कि सदर अस्पताल जिले की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई होने के बावजूद यहां अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। मरीजों और उनके परिजनों द्वारा सुविधाओं की कमी, साफ-सफाई और स्टाफ की लापरवाही को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। डीएम के सख्त रुख से जगी उम्मीद डीएम विशाल राज के इस सख्त और अचानक निरीक्षण से न केवल लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मचा है, बल्कि आम मरीजों और उनके परिजनों में बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलने की उम्मीद भी जगी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था में कितना और कितनी जल्दी सुधार देखने को मिलता है।  

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