Kisan Accident Scheme: सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना होगी पूरी तरह ऑनलाइन, फरवरी तक किसानों को मिलेगा घर बैठे लाभ

Kisan Accident Scheme: सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना होगी पूरी तरह ऑनलाइन, फरवरी तक किसानों को मिलेगा घर बैठे लाभ

Kisan Accident Scheme 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राजस्व परिषद द्वारा संचालित इस योजना का पूर्ण डिजिटलीकरण फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद किसानों और उनके परिजनों को दुर्घटना की स्थिति में घर बैठे ही मुआवजे का लाभ मिल सकेगा।


 सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का हो रहा डिजिटलीकरण, किसानों को घर बैठे मिलेगा योजना का लाभ

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हालिया समीक्षा बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने योजना के डिजिटलीकरण की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना का संचालन पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिससे आवेदन से लेकर लाभ वितरण तक की समस्त प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जा सकेगी।

योजना के डिजिटलीकरण से किसानों को बड़ी राहत

वर्तमान में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन की सुविधा तो ऑनलाइन है, लेकिन दस्तावेजों का सत्यापन, जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया काफी हद तक भौतिक रूप से होती है। इसके चलते किसान परिवारों को तहसील और जिला कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। डिजिटलीकरण के बाद यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। किसान या उनके परिजन घर बैठे आवेदन कर सकेंगे, आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति भी पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर सकेंगे। इसके साथ ही मुआवजे की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी।

फरवरी 2026 तक पूरी होगी प्रक्रिया

राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार योजना के डिजिटलीकरण के लिए एनआईसी (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर) की सहायता से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। यह पोर्टल आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत करेगा। पोर्टल को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल के तकनीकी अपग्रेडेशन का कार्य तेजी से चल रहा है और इसे फरवरी 2026 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक

योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी व भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। हर आवेदन की डिजिटल ट्रैकिंग होगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश कम होगी। राज्य सरकार का मानना है कि डिजिटलीकरण से न केवल किसानों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।

दिसंबर 2025 तक 29,394 आवेदन स्वीकृत

राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दिसंबर 2025 तक कुल 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना प्रदेश में किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है और जरूरतमंद परिवारों को इसका वास्तविक लाभ मिल रहा है।

मंडलवार आंकड़ों की बात करें तो सबसे अधिक आवेदन लखनऊ मंडल में 3,569 स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद गोरखपुर मंडल में 3,143 आवेदन स्वीकृत हुए हैं। वहीं अयोध्या मंडल में 2,491 और कानपुर मंडल में 2,436 किसानों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। अन्य मंडलों में भी हजारों किसान इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।

2019 में शुरू हुई थी योजना

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में की थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों और उनके परिवारों को आकस्मिक दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के अंतर्गत यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिजनों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता परिवार के लिए संकट की घड़ी में एक बड़ा सहारा साबित होती है।

किसानों के लिए सुरक्षा कवच

उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में बड़ी संख्या में किसान खेती-किसानी से जुड़े जोखिमों का सामना करते हैं। दुर्घटना की स्थिति में परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे और जरूरत के समय उसे त्वरित सहायता मिल सके।

डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में कदम

योजना का डिजिटलीकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, वह भी बिना किसी बिचौलिये के। डिजिटलीकरण से योजना के संचालन में न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि सरकार के प्रति किसानों का विश्वास भी और मजबूत होगा।

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