कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा आज एक बार फिर अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए। बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई स्थगित होने के बाद भी किरोड़ी आज बीजेपी कार्यालय पहुंचे, यहां उन्होने लॉन में ही कुर्सी लगाकर जनसुनवाई की। उन्होने कहा कि मुझे कार्यकर्ता सुनवाई स्थगित होने की सूचना नहीं थी। इसलिए मैं यहां चला आया, यहां पर लोग मुझे अपनी समस्याएं बताने लगे तो मैं यहीं कुर्सी लगाकर बैठ गया। इस मौके पर किरोड़ी ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनको क्या चाहिए। अमित शाह जयपुर में कितने लोगों को नियुक्ति पत्र देकर गए हैं। इनके किसी केन्द्रीय मंत्री ने भी कभी ऐसा किया है क्या? उन्होने कहा कि मुझे आपसे कोई ऐसी बात करनी हो तो मैं सबके बीच करूंगा या बंद कमरे में करूंगा। आप भी मुझे बंद कमरे में पूछोगे। ये तो चाहते है कि सब कुछ बता दो, यह नहीं हो सकता हैं। दरअसल डोटासरा ने कहा था कि अमित शाह जयपुर आए, बंद कमरे में मंत्रणा की, मंत्रियों को प्रताड़ना दी और बिना कुछ दिए यहां से चले गए। मालवीय पद और सत्ता के भूखे
महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के बीजेपी छोड़ने के सवाल पर किरोड़ी ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय राजनीति में पद और सत्ता के भूखे हैं। वे राजनीति में पद पाने के लिए आए हैं, अगर उनके मन में जनसेवा का भाव होता तो किसी भी दल में काम किया जा सकता था। बीजेपी देश का सबसे बड़ा संगठन हैं, उसमें आप आए और भाग गए। क्योंकि यहां उनको पद नहीं मिला और इतना जल्दी पद कैसे मिल सकता है। हमारी पार्टी की विचारधारा पद पाने के लिए नहीं है, जन सेवा करने के लिए है। किरोड़ी ने कहा कि अगर मालवीय रोज इस तरह से कुदा-फांदी करेंगे तो उनका नाम मिट जाएगा। उनके जाने से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला हैं। मैं भी चला जाऊं तो कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। यह व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं है, यह विचारधारा आधारित पार्टी हैं। हमारा मैनेजमेंट केन्द्र व राज्य में बेहतर
मनरेगा की जगह वीबी-जी राम-जी योजना में राज्य को 40 प्रतिशत फंड देने के सवाल पर मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि जिस तरह से गृहणी पूरे बजट को मैनेज करती है और उसकी रसोई में कोई कमी नहीं रहती हैं। उसी तरह से विकास के काम बंद नहीं होने वाले हैं। हमारा केन्द्र और राज्य में बेहतर मैनेजमेंट हैं। नई योजना में अब 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा। किसानों को फसल कटाई के समय 60 दिन का ब्रेक भी मिलेगा। जिससे मजदूरों को भी फायदा होगा। कांग्रेस को तो केवल राजनीति करनी हैं। कांग्रेस का एक उदाहरण देना चाहूंगा, मंडरायल की ग्राम पंचायत नानपुर में मनरेगा के तहत 28 करोड़ के काम सेक्शन हुए, केवल पौने 2 करोड़ के काम करवाए और सवा 26 करोड़ रुपए जेब में रख लिए। कांग्रेस तो यह चाहती है, इसलिए ऐसा ही कानून बनाती हैं।


