किम जोंग ने मंच से डिप्टी पीएम को बर्खास्त किया:कहा- बकरी गाड़ी नहीं खींच सकती, तुम्हें जिम्मेदारी देना गलती थी, देर होने से पहले निकल जाओ

किम जोंग ने मंच से डिप्टी पीएम को बर्खास्त किया:कहा- बकरी गाड़ी नहीं खींच सकती, तुम्हें जिम्मेदारी देना गलती थी, देर होने से पहले निकल जाओ

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने डिप्टी पीएम यांग सुंग-हो को बर्खास्त कर दिया है। कोरियाई न्यूज एजेंसी KCNA के मुताबिक किम जोंग उन योंगसोंग मशीन कॉम्प्लेक्स में सोमवार को इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट के पहले चरण के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। किम ने अपने संबोधन के दौरान यांग सोंग-हो को हटाने का आदेश दिया। किम ने डिप्टी पीएम को फटकार भी लगाई। किम ने मंच से ही डिप्टी पीएम से कहा, “बहुत देर होने से पहले, अपने पैरों पर खुद यहां से चले जाओ।” किम ने कहा कि यांग बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लायक नहीं हैं। किम ने कहा, “एक बकरी गाड़ी नहीं खींच सकती। यह हमारे कैडर अपॉइंटमेंट सिस्टम में हुई एक गलती थी। आखिरकार, गाड़ी बैल खींचता है, बकरी नहीं।” किम जोंग बोले- कई मौके दिए मगर सुधार नहीं हुआ किम जोंग उन ने कहा कि उन्होंने यांग को र्योंगसोंग मशीन कॉम्प्लेक्स के पहले चरण के आधुनिकीकरण में हुई गंभीर गलतियों को सुधारने के लिए कई बार मौका दिया था। इसके बावजूद काम में कोई सुधार नहीं हुआ। किम ने यह भी स्पष्ट किया कि यांग को पद से हटाना जरूरी था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें “पार्टी-विरोधी” माना जाए। किम के मुताबिक, यांग ने पार्टी की केंद्रीय समिति को ऐसे सुझाव दिए जो न तो व्यावहारिक थे और न ही सच्चाई पर आधारित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यांग ने अपने फायदे के लिए पार्टी को गुमराह करने की कोशिश की, यहां तक कि पिछले महीने हुई पार्टी की अहम बैठक में भी। उन्होंने बताया कि इन सबके बावजूद उन्होंने यांग को एक और मौका दिया। लेकिन बाद में साफ हो गया कि उनमें जिम्मेदारी की भावना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा,“यह व्यक्ति शुरू से ऐसा ही रहा है और इसे किसी भी बड़ी जिम्मेदारी के लायक नहीं माना जा सकता।” काम में देरी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब देश में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की नौवीं पार्टी कांग्रेस की तैयारी चल रही है। उत्तर कोरिया में किसी अधिकारी को इस तरह सार्वजनिक रूप से फटकार लगना आम बात नहीं मानी जाती। यांग सुंग-हो पहले देश के मशीनरी उद्योग के मंत्री थे। बाद में उनका प्रमोशन करके मशीनरी क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाला उपप्रधानमंत्री बना दिया गया। दक्षिण कोरिया की सरकारी एजेंसी योनहाप के मुताबिक, वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी शामिल थे, लेकिन वहां उनकी भूमिका स्थायी नहीं थी। अभी तक यह नहीं बताया गया है कि उनकी जगह अब किसे जिम्मेदारी दी जाएगी। KCNA के मुताबिक, किम जोंग उन ने रयोंगसोंग मशीन कॉम्प्लेक्स को आधुनिक बनाने के काम में हो रही देरी के लिए आर्थिक नीति से जुड़े अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और अयोग्यता की वजह से इस परियोजना में कई दिक्कतें आईं। पिछले हफ्ते किम जोंग ने 3 अफसरों को बदला था किम जोंग उन ने पार्टी के उन सदस्यों पर भी नाराजगी जताई, जो लंबे समय से काम को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक नीति संभालने वाले अधिकारी देश के उद्योग को फिर से व्यवस्थित करने और तकनीकी रूप से आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, किम की यह सार्वजनिक चेतावनी अचानक नहीं है। इसे पार्टी की नौवीं कांग्रेस से पहले अधिकारियों में डर और अनुशासन पैदा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि सभी नेता और अफसर सतर्क होकर काम करें। योनहाप ने यह भी बताया कि इससे पहले, पिछले हफ्ते किम जोंग उन ने अपनी सुरक्षा से जुड़े टॉप मिलिट्री अफसरों को भी बदल दिया था। इसमें तीन बड़ी यूनिट के प्रमुख शामिल थे- सत्तारूढ़ पार्टी का गार्ड ऑफिस, स्टेट अफेयर्स कमीशन का गार्ड विभाग और बॉडीगार्ड कमांड। किम जोंग ने फूफा को फांसी दे दी थी उत्तर कोरिया में सार्वजनिक बर्खास्तगी के उदाहरण बहुत कम हैं, लेकिन पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। 2013 में किम जोंग उन के फूफा जांग सोंग-थैक को तख्ता पलट की साजिश के आरोप में फांसी दी गई थी। थैक पर तख्तापलट की साजिश के अलावा, भ्रष्टाचार, पार्टी विरोधी गतिविधियां, विदेशी ताकतों खासकर चीन के साथ गलत तरीके से रिश्ते रखना, देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए। यह मामला इसलिए भी अहम था क्योंकि जांग सोंग-थैक कभी उत्तर कोरिया के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाते थे। दिसंबर 2013 में पार्टी की एक अहम बैठक के दौरान जांग सोंग-थैक को सबके सामने गिरफ्तार किया गया। सरकारी टीवी ने उनकी गिरफ्तारी के दृश्य भी दिखाए, जो उत्तर कोरिया में बहुत ही असामान्य बात थी।

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