5 करोड़ की फिरौती के लिए हुआ अपहरण:जमशेदपुर के बिजनेसमैन को इंटरनेट कॉलिंग कर मांगे पैसे, 3 राज्यों में पुलिस कर रही जांच

5 करोड़ की फिरौती के लिए हुआ अपहरण:जमशेदपुर के बिजनेसमैन को इंटरनेट कॉलिंग कर मांगे पैसे, 3 राज्यों में पुलिस कर रही जांच

जमशेदपुर के बिजनेसमैन और आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के 24 साल के बेटे कैरव गांधी का अपहरण फिरौती के लिए की गई। उनसे अपहरणकर्ताओं ने इंटरनेट कॉलिंग कर 5 करोड़ रुपए फिरौती के रूप में मांगे। बिजनेस मैन देवांग गांधी को इंडोनेशिया के नंबर (+62-831-94765544) से कॉल आया था। बुधवार को जब कैरव गांधी के गायब होने की बात सामने आई तब परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद भी पुलिस ने लापता का मामला माना था। जब जांच के दौरान खुलासा हुआ तब बिष्टुपुर पुलिस ने सीएच एरिया इनर सर्किल रोड नार्थ निवासी अपह्रत के पिता देवांग गांधी के बयान पर इंडोनेशिया के नंबर (+62-831-94765544) के संचालक के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस की 7 टीमें 3 राज्यों में कर रही तलाश कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की सात टीमें झारखंड के अलग-अलग स्थानों के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा में बदमाशों की तलाश में जुटी है। कार की फॉरेंसिक जांच कर फिंगर प्रिंट के जरिए अपराध में शामिल बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं, कॉल डिटेल और उस क्षेत्र में उस समय सक्रिय मोबाइल फोन की कॉल डंपिंग के जरिए जानकारी इकट्ठा की जा रही है। पुलिस अखिलेश गिरोह के पूर्व शागिर्द पर भी शक कर रही है जो अभी बिहार में रह रहा है। पुलिस टीम संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है। एक टीम सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, दूसरी टीम परिवार वालों के संपर्क में है। जबकि, एक टीम सर्विलांस और मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। जमशेदपुर के अलावे सरायकेला पुलिस की टीम भी जांच में लगी है। कांदरबेड़ा के बाद से टोल प्लाजा का फुटेज पुलिस ने खंगाला। रांची की ओर पाटा टोल प्लाजा और कोलकाता की ओर जाने वाले गालूडीह के टोल प्लाजा की फुटेज की पुलिस जांच कर रही है। पिता को आया था अज्ञात वॉट्सऐप कॉल, फिर मैसेज ​बीते मंगलवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में 16 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को लेकर बैठक चल रही थी। इस बैठक में एसिया के उपाध्यक्ष देवांग गांधी भी शामिल थे। मीटिंग दो घंटे तक चली। इस दौरान लगभग 8 से 10 बार वाट्सएप कॉल आया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। कुछ कॉल को कट कर दिया। बैठक के बाद दिन के दो बजे के लगभग वे घर पहुंचे। घर पर बेटे कैरव गांधी के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। इसके बाद जिन वाट्सएप नंबर से कॉल आया था। उस नंबर पर कॉल किया तो स्विच ऑफ मिला। इसके बाद कंपनी में फोन कर पता लगाया तो खबर मिली कि उनका बेटा कंपनी नहीं पहुंचा। एक चेक लेकर बैंक जाने की बात कही थी, लेकिन वह बैंक भी नहीं पहुंचा। फिर देवांग गांधी ने मोबाइल में मैसेज की लिस्ट खोली तो उसी नंबर से एक टैक्सट मैसेज मिला, जिसमें बेटे की अपहरण की बात लिखी गई थी। पुलिस का बोर्ड लगी स्कॉर्पियो से अपहरण की आशंका पुलिस ने घटना के बाद कैरव गांधी से घर से निकलने से लेकर कांदरबेड़ा जाने तक के मार्ग का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। पुलिस जांच में पता चला कि कैरव की कार के आगे-पीछे एक ही नंबर की स्कॉर्पियो कई बार गुजरी। स्कॉर्पियो पर पुलिस का नंबर प्लेट लगा हुआ था। स्कॉर्पियो पर लगे नंबर की जांच की गई तो वह किसी बाइक का नंबर था। आशंका यह लगाया जा रहा है कि टोल प्लाजा से बचने के लिए अपहरणकर्ताओं ने पुलिस का बोर्ड लगाया था। पुलिस की टीम चांडिल से आगे रांची, रामगढ़ से बिहार को जाने वाले रास्ता का फुटेज खंगाल कर स्कॉर्पियो का पता लगाने में जुटी है।

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