खाटू श्याम का लोकेशन, मुनीर का प्लान, योगी का तगड़ा एक्शन शुरू

खाटू श्याम का लोकेशन, मुनीर का प्लान, योगी का तगड़ा एक्शन शुरू
हारे हुए का सहारा कहे जाने वाले बाबा खाटूश्याम का धाम आतंकियों के टारगेट पर है। बॉर्डर के पार से दुश्मन ने खाटूश्याम मंदिर को उड़ाने का पूरा प्लान तैयार कर रखा है। मंदिर से जुड़ा इनपुट पाकिस्तान भी [संगीत] पहुंचा दिया गया था। लेकिन ऐसा हो पाता उससे पहले योगी फोर्स ने मुनीर की स्लीपर सेल को धबोचा। खतरे में थी 4 लाख से ज्यादा लोगों की जान। आतंकी अपनी साजिश में कामयाब हो पाते उससे पहले ही मुनीर का खाटू प्लान योगी ने फेल कर दिया। मुनीर के प्यादे  जिन्हें उसने राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर और देश के सैन्य ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी हुई थी। मुनीर के ये स्लीपर सेल कई बार खाटू शश्याम मंदिर की रेकी भी कर चुकी थी। पुलिस को इनके मोबाइल से कई मंदिरों के फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। जांच में पता चला है कि खाटू श्याम मंदिर की लोकेशन, वीडियो और फोटो तो पाकिस्तान भेजे भी जा चुके थे। यानी खाटूश्याम मंदिर में कोई बड़ी अनहोनी होने वाली थी जो योगी फोर्स की मुस्तैदी के चलते टल गई। योगी फोर्स ने गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में पाकिस्तान के लिए काम करने वाले जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। 

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आरोपी सोहेल मलिक उर्फ रोमियो, सानेकरम उर्फ महक समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए और इन्हें जेल भेज दिया गया। मुनीर के स्लीपर सेल का भंडाफोड़ होते ही एनआईए, आईबी, यूपी, एटीएस, गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गहराई से छानबीन शुरू की। तो पता चला कि इस नेटवर्क का टारगेट देश के सैन्य ठिकाने, सैनिक गतिविधियां और धार्मिक जगहें थी। जिनके बारे में जानकारी जुटाकर उसे पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर तक पहुंचाना था। देश के साथ गद्दारी करने के लिए इन लोगों को पाकिस्तान से सीधी फंडिंग हो रही थी। सैन्य ठिकाने पर होने वाली हर गतिविधि को पाकिस्तान तक पहुंचाने का प्लान तैयार था। दिल्ली कैंट और हरियाणा के सोनीपत के बाद अंबाला सैन्य ठिकानों पर सीसीटीवी लगाने का प्लान था। इन सीसीटीवी को लगवाने का मकसद वहां की हर हलचल पर निगरानी रखना था। इसके लिए इन जासूसों को बकायदा सीसीटीवी इंस्टॉल करने और डाटा भेजने की ट्रेनिंग दी गई थी।

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पाकिस्तान के थ्रू हवाला के जरिए इन्हें पैसे दिए जाते थे। उन्हें टास्क दिया जाता था कि सीसीटीवी फुटेज उन्हें दिया जाए और वो सीसीटीवी फुटेज लेने के बाद उसके लिए पैसे पे करते थे। सवाल उठता है कि आखिर खाटूश्याम मंदिर को ही टारगेट पर लेने का प्लान क्यों बनाया गया? इसकी तीन वजह हो सकती हैं। पहला खाटू श्याम मंदिर में देश के दूसरे प्रमुख मंदिरों की तुलना में सुरक्षा व्यवस्था की कमी। दूसरा खाटू श्याम मंदिर में रोजाना लाखों की संख्या में उड़ने वाली भीड़ और तीसरा पाकिस्तान बॉर्डर से महज 350 किमी की दूरी। 
 

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अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा बेहद कड़ी है जो 24:7 एक्टिव रहती है। इनकी मुख्य जिम्मेदारी यूपी पुलिस की स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स और केंद्रीय बलों के पास है। परिसर में एआई से लैसले सीसीटीवी और बम निरोधक दस्ते तैनात रहते हैं। जबकि खाटू श्याम मंदिर में जिस हिसाब से भीड़ उमड़ती है, उस पर निगरानी के लिए सुरक्षा बंदोबस्त कम ही नजर आते हैं। गाजियाबाद में बड़े जासूस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गाजियाबाद में पुलिस को वह तमाम चीजें हाथ लगी हैं। जहां जासूसों के जरिए पाकिस्तान तमाम चीजें भेजी गई हैं। यहां पे किसी तरह की अभी कोई विशेष जो सुरक्षा के इंतजामात हैं वो इस मंदिर पे नहीं है। मुनीर का प्लान योगी ने फेल कर दिया है। अब तक इस मामले में 29 से ज्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया जा चुका है। अब आगे की जांच में एजेंसियां जुटी हुई हैं।

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