कनाडा के लासाल में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। कनेडियन मीडिया के अनुसार हत्याकांड की जांच कर रहे अफसरों ने पहली बार माना है कि नैंसी हत्याकांड में खालिस्तान समर्थक हाथ हो सकता है। अब तक हुई जांच के बाद पुलिस को लग रहा है कि सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने के कारण नैंसी ग्रेवाल की हत्या की गई है। पुलिस ने अब खालिस्तानी कनेक्शन की तरफ जांच करनी शुरू कर दी है। नैंसी की मां और बहन पहले ही खालिस्तान समर्थकों पर उसकी हत्या का आरोप लगा चुकी हैं। लासाल पुलिस सर्विस इस मामले की जांच कर रही है और अब ओंटारियो प्रोविंशियल पुलिस भी इस जांच में शामिल हो गई है। नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड की जांच पुलिस अलग-अलग एंगलों से कर रही है। पुलिस पर्सनल रंजिश और अन्य एंगलों पर भी जांच कर रही है, लेकिन पुलिस का अब सबसे ज्यादा फोकस खालिस्तानी कनेक्शन पर है। हालांकि पुलिस अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हत्या और घर पर आगजनी के केस जोड़कर जांच में जुटी पुलिस ओंटारियो प्रांतीय पुलिस ने नैंसी ग्रेवाल की हत्या और नंवबर माह में उसके घर पर आगजनी की घटना को जोड़कर जांच शुरू कर दी है। ओंटारियों पुलिस ने नवंबर में हुई घटना की जांच विंडसर पुलिस से अपने हाथ में ले ली है। पुलिस को अंदेशा है कि जिन लोगों ने आग लगाने की कोशिश की हत्या में भी वही शामिल हें। मां और बहन लगा चुकी खालिस्तान समर्थकों पर आरोप नैंसी ग्रेवाल की मां और बहन उसकी हत्या का आरोप खालिस्तान समर्थकों पर लगा चुकी हैं। नैंसी सोशल मीडिया के जरिए खालिस्तान समर्थकों पर हमले करती थी। जिसकी वजह से खालिस्तान समर्थकों से उसे लगातार थ्रेट भी मिलती रही। सिख समुदाय को कर रहे बदनाम कनेडियन मीडिया के अनुसार मेट्रोपॉलिटन विंडसर की सिख कल्चरल सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष हरजिंदर सिंह कंदोला ने कहा कि सिख समुदाय को बदनाम करने के कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नैंसी हत्याकांड की असली वजह जानने के लिए केवल सबूतों पर आधारित, गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच सिर्फ आरोपों के आधार पर न की जाए। कंदोला ने कहा कि उनका संगठन पुलिस के साथ सहयोग करेगा। नवंबर में घर पर आग लगाने की कोशिश नैंसी ग्रेवाल ने सोशल मीडिया पर बताया था कि 8 नवंबर को उसके घर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। तब भी नैंसी ग्रेवाल ने खालिस्तान समर्थकों को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया था। 3 मार्च को हुई थी नैंसी ग्रेवाल की हत्या 45 वर्षीय, पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और पर्सनल सपोर्ट वर्कर, मूल रूप से लुधियाना-जालंधर की थी और कनाडा के विंडसर में रहती थीं। उसकी 3 मार्च को शाम करीब 9:30 बजे लासाल, ओंटारियो में टॉड लेन पर एक क्लाइंट के घर के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इसे टारगेटेड किलिंग माना है। अब तक की जांच में क्या हुआ पुलिस किस-किस से लिंक कर रही है
नैंसी ग्रेवाल हत्याकांड में खालिस्तानी कनेक्शन:कनेडियन पुलिस अफसरों ने माना; खालिस्तान समर्थकों का विरोध हो सकता है हत्या का कारण


